गवाह के बयान ने मोड़ दिया केस, सत्र अदालत ने चेक बाउंस में विजय कुमार को दोषी ठहराया
2018 के चेक बाउंस मामले में ट्रायल कोर्ट ने विजय कुमार को बरी किया था, पर सत्र अदालत में बचाव पक्ष के गवाह के बयान ने उनके खिलाफ स्पष्ट साक्ष्य पेश किए। इस कारण अपील पर फैसला उलट गया और अदालत ने उन्हें दोषी घोषित किया।

सौजन्य से:- Jagran
अपने ही गवाह के बयान से फंसा आरोपी, अदालत ने चेक बाउंस मामले में बरी करने का फैसला पलटा
चेक बाउंस मामले में कड़कड़डूमा सत्र अदालत ने विजय कुमार को दोषी करार दिया है। निचली अदालत से मिली बरी ...और पढ़ें
HighLights
- कड़कड़डूमा सत्र अदालत ने चेक बाउंस मामले में फैसला पलटा।
- विजय कुमार को निचली अदालत से मिली बरी की सजा रद।
- आरोपी के अपने ही गवाह के बयान ने उसे दोषी ठहराया।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। चेक बाउंस के एक मामले में बेगुनाही साबित करने के लिए आरोपित ने जिस गवाह को अदालत में पेश किया, उसी के बयान ने उसकी मुश्किल बढ़ा दी। कड़कड़डूमा स्थित सत्र अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरोपित विजय कुमार को दोषी करार दिया है।
2018 का है मामला
मामला वर्ष 2018 का है। करावल नगर निवासी गौरव बिल्डर्स के मालिक विजय कुमार के खिलाफ शिकायतकर्ता जय किशोर ने तीन लाख रुपये का चेक बाउंस होने पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बैंक में भुगतान पर रोक होने के कारण चेक बाउंस हो गया था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 24 नवंबर 2025 को विजय कुमार को बरी कर दिया था।
क्या बोला बचाव पक्ष का गवाह?
इसके बाद जय किशोर ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सत्र अदालत में अपील दायर की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के गवाह राम प्रसाद ने स्पष्ट रूप से बताया कि चेक उसकी मौजूदगी में भरा गया था और उस पर हस्ताक्षर भी किए गए थे।
वहीं, आरोपित का दावा था कि उसके बेटे ने सुरक्षा के तौर पर बिना हस्ताक्षर वाला कोरा चेक दिया था। अदालत ने पाया कि आरोपित अपने इस दावे को साबित नहीं कर सका और यह भी साबित नहीं कर पाया कि रकम लौटाने के बाद चेक वापस कर दिया गया था।
इन परिस्थितियों को देखते हुए सत्र अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया और विजय कुमार को दोषी करार दिया।
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