भोजशाला के करीब नमाज पर आज फैसला
भोजशाला के निकट नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। मस्जिद पक्ष ने धार प्रशासन के निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें मालीवाड़ा को नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल बनाया गया है।

सौजन्य से:- जागरण
भोजशाला के 'निकट' नमाज पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मस्जिद पक्ष ने धार प्रशासन के निर्णय को दी चुनौती
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला से 900 मीटर दूर मालीवाड़ा (40 पीर क्षेत्र) नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल रहेगा या कोई और स्थल चुना जाएगा, इस पर ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- मस्जिद पक्ष ने मालीवाड़ा में स्थल चयनित करने के धार प्रशासन के निर्णय को दी है चुनौती
- याचिका में अंतरिम आदेश का प्रभावी और अक्षरश: पालन कराने की मांग की गई है
जेएनएन, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला से 900 मीटर दूर मालीवाड़ा (40 पीर क्षेत्र) नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल रहेगा या कोई और स्थल चुना जाएगा, इस पर आज फैसला होगा। इस स्थल को चयनित करने के धार जिला प्रशासन के निर्णय को मस्जिद पक्ष की ओर से चुनौती दिए जाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
दरअसल, मस्जिद पक्ष ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में भोजशाला परिसर के निकट शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थल चयनित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रशासन ने अंतरिम आदेश की अपनी तरह से व्याख्या करके किलोमीटर दूर मालीवाड़ा को नमाज स्थल तय किया है।
मस्जिद पक्ष ने याचिका में भोजशाला से सटी खिलजी दरगाह के समीप नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान पर विचार न किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। कहा है कि इस स्थल को प्रशासन ने पर्याप्त परीक्षण के बिना ही खारिज कर दिया।
याचिका में अंतरिम आदेश का प्रभावी और अक्षरश: पालन कराने की मांग की गई है। उधर, प्रशासन ने पिछले शुक्रवार को ही नमाज के लिए 40 पीर क्षेत्र में नमाज के लिए बैरिकेडिंग व अन्य व्यवस्थाएं करा दी थीं।
प्रशासन का तर्क- सभी पहलुओं पर विचार करके लिया है निर्णयवहीं, जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मालीवाड़ा स्थित 40 पीर क्षेत्र शासकीय भूमि है, उसको कानून व्यवस्था समेत अन्य सभी पहलुओं पर विचार करके नमाज के लिए चुना है।
खबरें और भी
उधर, प्रतिक्रिया में मंदिर पक्ष की ओर से भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा है कि प्रशासन ने मालीवाड़ा में नमाज के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया है, लेकिन अंतरिम आदेश की आड़ में मस्जिद पक्ष जिस स्थान पर नमाज की मांग कर रहा है, वह न तो न्यायोचित है और न ही शहर की शांति व्यवस्था के लिहाज से उचित है।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली उच्च न्यायालय सहित पांच स्थानों को हिंसक हमले की धमकी

चेहरे की पहचान को चुनौती देने वाले विरोध प्रदर्शन: भारत का सर्वोच्च न्यायालय सुनेगा मामला

गवर्नर हाउस घेराव के एलान पर हाईकोर्ट का कड़वा जवाब, शांति बनाए रखने का निर्देश

वार्निंग लेबल लागू करने में देरी को लेकर अदालत ने एफएसएसएआई को फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने कोरियन रैना जैसे 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज मामले रद्द कर दिए

कर विभाग को झटका: ट्रिब्यूनल ने कर विभाग की अपील खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश का शीर्ष अदालत में हलफनामा: ट्रिब्यूनल की गतिविधियों पर हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करना है

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल बैंक खातों से प्रतिबंध में नहीं किया हस्तक्षेप
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, सरकारी नौकरी देने के मामले में
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक
- कर्नाटक के नए कानून से RSS पर क्या मकसद?
- सुप्रीम कोर्ट की फटकार: पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी क्यों नहीं?
- पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर चआदि।ावनी संबंधी कोर्ट का एफ. एस. एस. ए. आई. को आदेश
- भारत को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा देगी पर्यावरणीय मुआवजा व्यवस्था
- राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट के लाइव स्ट्रीमिंग को दुरुपयोग के शक में, सीजेआई ने चिंता व्यक्त की

