सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को कोलकाता हाई कोर्ट में दलीलें पेश करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को कोलकाता के कैमक स्ट्रीट पर अपने कार्यालय से हटाए गये साइनबोर्ड या होर्डिंग से संबंधित याचिका में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत करने के लिए कहा। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि हटाए जाने से मामला समाप्त नहीं होता और यदि गलत हटाया गया हो तो बोर्ड पुनः लगाने का आदेश भी दिया जा सकता है।

सौजन्य से:- Jagran
तृणमूल होर्डिंग मामला :सुप्रीम कोर्ट ने पार्टी को हाई कोर्ट के समक्ष दलीलें रखने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को कोलकाता में अपने कार्यालय से साइनबोर्ड हटाए जाने के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखने का निर्देश दिया है।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल को हाई कोर्ट में दलीलें रखने को कहा।
- कोलकाता में पार्टी कार्यालय से साइनबोर्ड हटाने का मामला।
- हाई कोर्ट को याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से कहा कि वह कोलकाता में कैमक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से पार्टी का साइनबोर्ड या होर्डिंग हटाए जाने से जुड़े मामले में अपनी सभी दलीलें हाई कोर्ट के समक्ष रखे।
शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाई कोर्ट से तृणमूल द्वारा दायर उस याचिका पर शीघ्रता से निर्णय लेने को कहा, जिसमें कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने तृणमूल की याचिका का निपटारा कर दिया और कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि बोर्ड हटा दिया गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि मामला निरर्थक हो गया है... यदि यह गलत तरीके से हटाया गया पाया गया, तो उसे दोबारा लगाने का अनिवार्य आदेश भी दिया जा सकता है।"
शीर्ष अदालत ने कहा कि चूंकि हाई कोर्ट मामले पर सुनवाई कर रहा है, इसलिए पक्षों को हाई कोर्ट के समक्ष दलीलें रखने की स्वतंत्रता दी जाती है। यह विवाद केएमसी द्वारा दक्षिण कोलकाता के 9, कैमक स्ट्रीट स्थित भवन से तृणमूल के कथित अनधिकृत साइनबोर्ड या होर्डिंग हटाए जाने से संबंधित है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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