होममुकदमेहाईकोर्ट ने कहा: RTI के तहत सीधे CCTV फुटेज नहीं मिलेगी, सक्षम न्यायालय या आयोग को आदेश दे सकते हैं
मुकदमे

हाईकोर्ट ने कहा: RTI के तहत सीधे CCTV फुटेज नहीं मिलेगी, सक्षम न्यायालय या आयोग को आदेश दे सकते हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बताया कि RTI की धारा 8(1)(छ) के कारण निजी जानकारी वाले CCTV फुटेज को आवेदक को सीधे नहीं दिया जा सकता। लेकिन यदि शिकायत सक्षम कोर्ट या आयोग के सामने की जाए तो वह फुटेज सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर मांगने का आदेश दे सकता है।

4 सितंबर 2026 को 02:32 am बजे
हाईकोर्ट ने कहा: RTI के तहत सीधे CCTV फुटेज नहीं मिलेगी, सक्षम न्यायालय या आयोग को आदेश दे सकते हैं

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Lucknow

- Allahabad High Court Ruling | CCTV Footage Not Available Under RTI Act

RTI के तहत सीधे नहीं मिलेगी CCTV फुटेज:हाईकोर्ट ने कहा- सक्षम कोर्ट या आयोग फुटेज मंगाने का दे सकता है आदेश

- कॉपी लिंक

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने साफ किया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत CCTV फुटेज सीधे आवेदक को नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि CCTV फुटेज में निजी जानकारी हो सकती है, इसलिए इसे RTI एक्ट की धारा 8(1)(छ) के अपवाद के तहत सीधे आवेदक को देना संभव नहीं है।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति किसी सक्षम कोर्ट या आयोग के सामने शिकायत या आवेदन करता है, तो संबंधित मंच CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उसे मंगाने का आदेश दे सकता है।

यह आदेश जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने शोभित कश्यप की याचिका को निपटाते हुए दिया।

इस मामले में याचिकाकर्ता ने 20 मार्च 2025 को RTI के तहत आवेदन देकर मांगी गई पूरी जानकारी के साथ CCTV फुटेज देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग की ओर से बताया गया कि मांगी गई फुटेज में संवेदनशील जानकारी है। इसलिए RTI एक्ट की धारा 8(1)(छ) के तहत इसे सीधे आवेदक को नहीं दिया जा सकता।

याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का उदाहरण देते हुए कहा गया कि CCTV फुटेज को सुरक्षित रखना नागरिक का अधिकार है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सक्षम कोर्ट या आयोग के पास CCTV फुटेज मंगाने और उसे सुरक्षित रखने का निर्देश देने की शक्ति है।

हालांकि, इस मामले में याचिकाकर्ता ने किसी सक्षम कोर्ट या आयोग के सामने शिकायत नहीं की थी। उसने केवल RTI के जरिए CCTV फुटेज देने की मांग की थी। ऐसे में कोर्ट ने कहा कि फुटेज सीधे याचिकाकर्ता को नहीं दी जा सकती।

बेंच ने यह भी साफ किया कि अगर याचिकाकर्ता सक्षम कोर्ट या मंच के सामने आवेदन करता है, तो वहां से CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और शिकायत की जांच के लिए असली फुटेज मंगाने का आदेश लिया जा सकता है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत
मुकदमे

सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी
मुकदमे

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
मुकदमे

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव
मुकदमे

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या
मुकदमे

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या

ताज़ा ख़बरें