होम›सुप्रीम कोर्ट›वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के स्वतंत्र मूल्यांकन के बिना जमानत नहीं दे सकता हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट
वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के स्वतंत्र मूल्यांकन के बिना जमानत नहीं दे सकता हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली: न्यायिक फैसलों में विवेक के स्वतंत्र इस्तेमाल और कारणों के उल्लेख को अनिवार्य बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उन तीन अलग-अलग आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके जरिए बिहार में चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े एक हत्या के मामले में तीन आरोपियों को अग्रिम व नियमित जमानत दी […]

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड हिंदी
स्रोत संक्षेप
नई दिल्ली: न्यायिक फैसलों में विवेक के स्वतंत्र इस्तेमाल और कारणों के उल्लेख को अनिवार्य बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उन तीन अलग-अलग आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके जरिए बिहार में चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े एक हत्या के मामले में तीन आरोपियों को अग्रिम व नियमित जमानत दी […]
यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट
‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की मांग, 27 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट
पक्की कानूनी सहमति होने से पहले सार्वजनिक संपत्ति की कीमत बढ़ाने के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण नीलामी पर फिर से विचार कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट
विवादित व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में व्यक्ति को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट
ट्रायल से पहले की हिरासत को 'बिना ट्रायल के सजा' में नहीं बदला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट
मेडिकल रिपोर्ट में 75.5% दिव्यांगता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना 100% कार्यात्मक दिव्यांगता; मुआवजा ₹77.84 लाख किया

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले से असहमति जताना अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 13 लोगों के खिलाफ केस रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट
जल निकायों पर नहीं दिया जा सकता रैयतवारी पट्टा; सुप्रीम कोर्ट का आदेश- निर्दोष फ्लैट खरीदारों को ढहाने की कार्रवाई से पहले वैकल्पिक जमीन दे सरकार

सुप्रीम कोर्ट
मंदिर की इनाम जमीन राज्य सरकार को दान नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने दानपत्र रद्द किया, तमिलनाडु सरकार पर ₹1 लाख का जुर्माना
ताज़ा ख़बरें
- 'संपत्ति सौंपना आपराधिक विश्वासघात का मुख्य आधार': सुप्रीम कोर्ट ने टेलीफोन विभाग के कैशियर को बरी करने के फैसले को बहाल रखा
- कन्वेयंस डीड निष्पादित होने से पहले अधिकतम मूल्य हासिल करने के लिए नीलामी की समीक्षा कर सकते हैं सार्वजनिक प्राधिकरण: सुप्रीम कोर्ट
- ट्रायल से पहले लंबे समय तक हिरासत में रखना बिना ट्रायल सजा देने जैसा नहीं हो सकता: 979 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
- महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने और ‘फोरम शॉपिंग’ पर सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया जमानत का अंतिम निपटारा, वेकेशन में मामलों की लिस्टिंग पर तय किए दिशानिर्देश
- उमर खालिद और शरजील इमाम को बहुत पहले ही जमानत मिल जानी चाहिए थी: जस्टिस सुधांशु धूलिया
- सुप्रीम कोर्ट पर 'कब्जा' करने की कोशिश कर रही है सरकार: सीनियर वकील कपिल सिब्बल
- रिटायरमेंट के समय लिया गया 'इंडेंनिटी बॉन्ड' राज्य को गलत तरीके से तय किए गए वेतन की वसूली करने का अधिकार नहीं देता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- व्हाट्सऐप अकाउंट बहाल होने के बाद एमपी हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका का निपटारा किया

