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सुप्रीम कोर्ट

मेडिकल रिपोर्ट में 75.5% दिव्यांगता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना 100% कार्यात्मक दिव्यांगता; मुआवजा ₹77.84 लाख किया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति जीवनभर दूसरों पर निर्भर रहने और अटेंडेंट की सहायता लेने के लिए मजबूर है, तो उसे 100% कार्यात्मक दिव्यांगता से पीड़ित माना जा सकता है, भले ही मेडिकल बोर्ड ने उसकी शारीरिक दिव्यांगता का प्रतिशत इससे कम आंका हो। जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने मोटर दुर्घटना के एक मामले में यह टिप्पणी करते हुए पीड़ित सुनील कुमार का मुआवजा ₹36.22 लाख से बढ़ाकर ₹77.84 लाख कर दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला 22 अक्टूबर 2016 को केरल में त्रिशूर-कोडकारा सार्वजनिक मार्ग पर पलियेक्करा टोल प्लाजा

21 अक्टूबर 2026 को 10:07 am बजे
मेडिकल रिपोर्ट में 75.5% दिव्यांगता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना 100% कार्यात्मक दिव्यांगता; मुआवजा ₹77.84 लाख किया

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति जीवनभर दूसरों पर निर्भर रहने और अटेंडेंट की सहायता लेने के लिए मजबूर है, तो उसे 100% कार्यात्मक दिव्यांगता से पीड़ित माना जा सकता है, भले ही मेडिकल बोर्ड ने उसकी शारीरिक दिव्यांगता का प्रतिशत इससे कम आंका हो। जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने मोटर दुर्घटना के एक मामले में यह टिप्पणी करते हुए पीड़ित सुनील कुमार का मुआवजा ₹36.22 लाख से बढ़ाकर ₹77.84 लाख कर दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला 22 अक्टूबर 2016 को केरल में त्रिशूर-कोडकारा सार्वजनिक मार्ग पर पलियेक्करा टोल प्लाजा

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

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