कॉकरोच जनता पार्टी पर गंभीर सवाल, सुप्रीम कोर्ट से जांच और कार्रवाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में एक बैठक की जगह नहीं मिलने पर आरोप लगाया, जिसके बाद पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से जांच और कार्रवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी वकीलों, डिग्रियों और न्यायिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल पर जवाब मांगा है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
CJP ने देशभर में ‘जनता की बात सुनो’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी ने दिल्ली में बैठक की जगह नहीं मिलने का आरोप लगाया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी वकीलों, डिग्रियों और न्यायिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल पर जवाब मांगा है।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी ने बुधवार को अपने आंदोलन के अगले चरण के बारे में जानकारी दी। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लोग लगातार पूछ रहे थे कि जंतर मंतर का सीजन-2 कब शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इसका दूसरा सीजन बहुत जल्द शुरू होने वाला है।
दिल्ली के नारायणा में सीजेपी के स्वयंसेवकों की बैठक आयोजित की जानी थी। पार्टी के मुताबिक बैठक से ठीक पहले जगह के मालिक ने बुकिंग रद्द कर दी। दिपके ने कहा कि पार्टी ने बैठक के लिए एक हॉल बुक किया था, लेकिन बैठक करने की अनुमति नहीं दी गई। आरोप लगाया कि मालिकों ने ऊपर से दबाव होने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के आसपास कई अन्य जगहों पर भी बैठक के लिए जगह लेने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी इजाजत नहीं मिली। दिपके ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर आखिरकार बैठक तय हुई, उनको भी धमकी दी गई।
देशभर में ' जनता की बात सुनो ' अभियान चलाएगी CJP
दिपके ने इन घटनाओं के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस तरह के दबाव से पार्टी डरने वाली नहीं है। बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि पार्टी का अगला चरण देशभर में चलाया जाएगा। पार्टी अब 'जनता की बात सुनो' अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में जाएगी और लोगों से सीधे समस्याएं और राय सुनेगी। दास ने कहा, पार्टी माता-पिता और नागरिकों से अपने आसपास के सरकारी स्कूलों का दौरा करने, वहां की स्थिति का सामाजिक ऑडिट करने और स्कूलों की असल स्थिति को रिकॉर्ड कर सामने लाने की अपील करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस अभियान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। युवाओं की भागीदारी से असली विकसित भारत बनेगा।
कमाई के लिए वीडियो शेयर करने का उठा मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट ने कथित फर्जी वकीलों, फर्जी कानून की डिग्रियों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और CBI से जवाब मांगा है। मामले में आगे की सुनवाई जवाब मिलने के बाद होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने मंगलवार को एडवोकेट राजा चौधरी की ओर से दायर याचिका पर संज्ञान लिया।
फर्जी वकीलों से लेकर CJI की टिप्पणी के इस्तेमाल तक उठे सवाल
याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें कथित फर्जी वकीलों और कानून की फर्जी डिग्रियों के अलावा न्यायिक कार्रवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल और उन्हें सोशल मीडिया पर कमाई के लिए शेयर करने का मुद्दा भी उठा। याचिका के मुताबिक, CJP का गठन कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान CJI टिप्पणी के बाद हुआ। CJI की टिप्पणी का संदर्भ फर्जी वकीलों से जुड़ा था और इसका इस्तेमाल अलग संदर्भों में किया गया।
न्यायिक टिप्पणियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग
याचिका में न्यायिक कार्रवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियों, रूपकों या टिप्पणियों के कमर्शियल यूज, ट्रेडमार्क के रूप में इस्तेमाल और मौद्रिक लाभ के लिए प्रसार की व्यापक जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है कि वे उन व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करें, जो न्यायिक टिप्पणियों के व्यावसायिक इस्तेमाल में कथित रूप से शामिल हैं।
चुनिंदा एडिटेड वीडियो और मीम पर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 15 मई के बाद न्यायिक कार्रवाई के चुनिंदा और एडिटेड वीडियो क्लिप की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। इन क्लिप में टिप्पणियों को मूल संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया और बाद में उन्हें सोशल मीडिया सामग्री के रूप में शेयर किया गया।
लेखक के बारे मेंटीना"टीना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की प्रक्रिया में हैं। फिलहाल वह नेशनल, क्राइम, जंगल न्यूज, गुड न्यूज और लोकल खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
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टीना का सकारात्मक पत्रकारिता और समावेशी लेखन की ओर बेहद झुकाव है। साथ ही, वह सीखने की प्रक्रिया में विश्वास रखती हैं।
टीना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन से स्नातक और डीयू से ही पत्रकारिता में डिप्लोमा भी प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से पत्रकारिता में परास्नातक की डिग्री हासिल की और डिजिटल मीडिया में कदम रखा।"... और पढ़ें
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