सुप्रीम फटकार! अब पहले पर्यावरण मंजूरी लेना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पर्यावरण सरंक्षण को मजबूत बनाने के लिए परियोजना शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। पहले परियोजनाएं शुरू करने के बाद मंजूरी लेने पर कोई रोक नहीं होगी, लेकिन नई परियोजना शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी आवश्यक होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार की उस अधिसूचना को खारिज कर दिया है जिसमें पहले परियोजना शुरू कर बाद में पर्यावरण मंजूरी(पूर्व-कार्योत्तर मंजूरी) लेने की बात कही गई थी. हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जहां काम शुरू हो चुका है उसपर कोई रोक नहीं होगी लेकिन अब से नई परियोजना शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी आवश्यक होगी.
'वनशक्ति' नामक पर्यावरण एनजीओ ने सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया है. केंद्र सरकार की अधिसूचना में परियोजनाओं को बिना पहले पर्यावरण मंजूरी लिए काम शुरू करने और बाद में पर्यावरण मंजूरी लेने की अनुमति दी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना के बाद मंजूरी(पूर्व-कार्योत्तर मंजूरी) को गैर कानूनी और अवैध करार दिया है.
हालांकि बाद में क्रेडाई समेत रियल एस्टेट और डेवलपर संगठनों की पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे वापस ले लिया है.
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सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 2:1 के बहुमत से पहले के आदेश को वापस ले लिया. लेकिन बुधवार को कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परियोजना शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.
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मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, या जिन जगहों पर काम शुरू हो चुका है वहां इसका असर नहीं होगा. उसपर रोक नहीं लगेगी लेकिन नई परियोजना को शुरू करने से पर्यावरण मंजूरी लेना आवश्यक होगा.
परियोजना शुरू करने के बाद मंजूरी लेने(पूर्व-कार्योत्तर मंजूरी) पर कार्रवाई की जाएगी. वनशक्ति नामक पर्यावरण एनजीओ ने केंद्र सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.
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