सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, जिसमें राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े को मारने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। इस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने राज्य की अर्जी पर नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के पास किए गए आदेश के आखिरी पैराग्राफ में करेक्शन की जरूरत है, जिसमें पूरे राज्य में गोहत्या पर बैन की बात कही गई हैै।

सौजन्य से:- ETV Bharat
गोहत्या पर रोक लगाने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक - गोहत्या पर रोक
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Published : July 13, 2026 at 5:40 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े को मारने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया था. इस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने राज्य की अर्जी पर नोटिस जारी किया. सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के पास किए गए आदेश के आखिरी पैराग्राफ में करेक्शन की जरूरत है, जिसमें पूरे राज्य में गोहत्या पर बैन की बात कही गई है.
राज्य सरकार की याचिका में कहा गया कि हाई कोर्ट ने पूरी तरह बैन लगा दिया, जबकि उसके सामने दायर याचिका सिर्फ सार्वजनिक जगहों पर गोहत्या रोकने तक ही सीमित थी. राज्य सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि हाई कोर्ट ने अपने सामने मौजूद मुद्दे को पार कर दिया और ऐसी राहत दे दी जिसके लिए न तो कोई अपील की गई थी और न ही कोई अनुरोध किया गया था. राज्य सरकार ने तर्क दिया कि यह आदेश राज्य के कानूनी ढांचे के खिलाफ है, जो “सिर्फ नियमन का प्रावधान करता है, रोक का नहीं. राज्य सरकार ने ये भी कहा कि कोर्ट का ये आदेश कानून को “फिर से लिखने और फिर से बनाने” जैसा है.
मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बकरीद से एक दिन पहले 27 मई को यह आदेश पास किया. याचिकाकर्ता का अनुरोध था कि यह पक्का करने के लिए निर्देश दिए जाएं कि स्लॉटर सिर्फ तय जगहों पर ही हो. लेकिन, हाई कोर्ट ने एक पूरा आदेश पास करके गायों और बछड़ों को कहीं भी किसी भी दिन काटने पर बैन लगा दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े को मारने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया था. इस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने राज्य की अर्जी पर नोटिस जारी किया. सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के पास किए गए आदेश के आखिरी पैराग्राफ में करेक्शन की जरूरत है, जिसमें पूरे राज्य में गोहत्या पर बैन की बात कही गई है.
राज्य सरकार की याचिका में कहा गया कि हाई कोर्ट ने पूरी तरह बैन लगा दिया, जबकि उसके सामने दायर याचिका सिर्फ सार्वजनिक जगहों पर गोहत्या रोकने तक ही सीमित थी. राज्य सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि हाई कोर्ट ने अपने सामने मौजूद मुद्दे को पार कर दिया और ऐसी राहत दे दी जिसके लिए न तो कोई अपील की गई थी और न ही कोई अनुरोध किया गया था. राज्य सरकार ने तर्क दिया कि यह आदेश राज्य के कानूनी ढांचे के खिलाफ है, जो “सिर्फ नियमन का प्रावधान करता है, रोक का नहीं. राज्य सरकार ने ये भी कहा कि कोर्ट का ये आदेश कानून को “फिर से लिखने और फिर से बनाने” जैसा है.
मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बकरीद से एक दिन पहले 27 मई को यह आदेश पास किया. याचिकाकर्ता का अनुरोध था कि यह पक्का करने के लिए निर्देश दिए जाएं कि स्लॉटर सिर्फ तय जगहों पर ही हो. लेकिन, हाई कोर्ट ने एक पूरा आदेश पास करके गायों और बछड़ों को कहीं भी किसी भी दिन काटने पर बैन लगा दिया.
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