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सुप्रीम कोर्ट ने एथेनॉल आवंटन बढ़ाने के मामले में यथास्थिति बरकरार रहने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ एक तेल विपणन कंपनी की याचिका पर यथास्थिति बरकरार रहने का निर्देश दिया, जिसमें एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने का आदेश दिया गया था। अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश पर चुनौती देने वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर नोटिस जारी किया है।

30 जून 2026 को 12:23 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने एथेनॉल आवंटन बढ़ाने के मामले में यथास्थिति बरकरार रहने का निर्देश दिया

सौजन्य से:- ETV Bharat

एथेनॉल आवंटन बढ़ाने संबंधी अदालत के निर्देश पर यथास्थिति बरकरार रहेगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, एथेनॉल आवंटन बढ़ाने संबंधी हाई कोर्ट के निर्देश पर यथास्थिति बरकरार रहेगी.

Published : June 30, 2026 at 4:44 PM IST

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिसमें 'एथेनॉल आपूर्ति वर्ष' (ईएसवाई) 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने का आदेश दिया गया था.

अदालत एक तेल विपणन कंपनी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि हाई कोर्ट का आदेश पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की राष्ट्रीय नीति को अस्थिर कर देगा.

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर नोटिस जारी किया.

हाई कोर्ट ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को निर्देश दिया था कि वे एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग करने वाले एक समर्पित एथेनॉल निर्माता द्वारा सौंपी गई अर्जी पर विचार करें और उस पर निर्णय लें.

हाई कोर्ट ने कहा था कि जो समर्पित एथेनॉल संयंत्र सरकारी नीति के तहत बनाए गए हैं और अनुबंध के अनुसार सिर्फ तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को ही एथेनॉल आपूर्ति करने के लिए बाध्य हैं, उन्हें 'लॉन्ग-टर्म ऑफटेक एग्रीमेंट' (एलटीओए) के तहत मिलने वाले प्राथमिकता वाले आवंटन के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता.

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि ओएमसी को वीआईपीएन डिस्टिलरीज एंड शुगर्स के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर विचार करने का निर्देश देने वाला हाई कोर्ट का आदेश राष्ट्रीय नीति को अस्थिर कर देगा.

शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का कार्यक्रम अभी प्रायोगिक चरण में है और इस नीति का असर अगले साल तक और साफ हो जाएगा. वेंकटरमणी ने बताया कि एथेनॉल आपूर्ति के अनुबंध अक्टूबर 2025 में पूरे हो गए थे.

उन्होंने कहा कि एथेनॉल आवंटन की प्रक्रिया 17 अक्टूबर, 2025 को पूरी हो गई थी और 378 आपूर्तिकर्ताओं को कुल 1,050 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति के लिए आवंटन की जानकारी दी गई थी, जिसमें से 18 जून तक वे 680 करोड़ लीटर की आपूर्ति कर चुके थे.

उन्होंने कहा कि अगर किसी एक आपूर्तिकर्ता का कोटा बढ़ाया जाता, तो वैसी ही स्थिति वाले दूसरे आपूर्तिकर्ता भी बराबरी का दावा करते, जिससे कानूनी मुकदमों की बाढ़ आ जाती.

ये भी पढ़ें: 100 परसेंट इथेनॉल ईंधन को कानूनी मान्यता, गडकरी बोले- फाइल पर किए साइन

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