मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट ने किया अदालती कार्रवाई में देरी को माफ करने का आदेश
छत्तीसगढ़ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्वासन के खिलाफ अपील दायर करने में होने वाली देरी को सुप्रीम कोर्ट ने धारा 5 परिसीमन अधिनियम के तहत माफ करने की अनुमति दी है। यह निर्णय जित्तू यादव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य और अन्य मामले में आया है।

सौजन्य से:- Live Law
छत्तीसगढ़ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्वासन के खिलाफ अपील दायर करने में देरी को धारा 5 परिसीमन अधिनियम के तहत माफ किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मुकदमे
सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

मुकदमे
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी

मुकदमे
हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

मुकदमे
लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

मुकदमे
सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान

मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे

मुकदमे
सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें

मुकदमे
500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या
ताज़ा ख़बरें
- सर्वर त्रुटि 500: बाद में पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – कृपया बाद में पुनः प्रयास करें
- सर्वर पर 500 त्रुटि: पृष्ठ लोड नहीं हो पाया
- 500 सर्वर त्रुटि – पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500: पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी समस्या, कृपया पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी समस्या
- राष्ट्रीय लोक अदालत: महराजगंज में मामलों के तेज निपटारे की पहल

