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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से वृद्धाश्रम सुविधाओं की नई स्थिति रिपोर्ट माँगी

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत समेत पीठ ने 2016 में दायर याचिका के बाद हर राज्य को चार हफ्तों के भीतर अपने-अपने वृद्धाश्रमों की वर्तमान स्थिति व दी जा रही सुविधाओं की रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया। यह कदम बुजुर्गों के कल्याण और सुरक्षा उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

7 सितंबर 2026 को 08:31 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से वृद्धाश्रम सुविधाओं की नई स्थिति रिपोर्ट माँगी

सौजन्य से:- Hindustan

सुप्रीम कोर्ट ने वृद्धाश्रमों की सुविधाओं पर नई रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वृद्धाश्रम बनाने और बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाओं की नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश 2016 में बुजुर्गों की भलाई के लिए दाखिल याचिका पर विचार करते हुए दिया गया। सभी राज्यों को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जमा करनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां वृद्धाश्रम बनाने और उनमें बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने बुजुर्गों की भलाई और उनके कल्याण एवं सुरक्षा के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग को लेकर 2016 में दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब याचिकाकर्ता ने कहा कि हर जिले में वृद्धाश्रम बनाने, बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पेंशन और उनकी देखभाल से जुड़े निर्देशों को लागू करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने पीठ से कहा कि करोड़ों बुजुर्गों के अधिकारों और भलाई से जुड़े मुद्दों के बावजूद, इस मामले में लंबे समय से सुनवाई नहीं हुई।

न्यायालय का निर्देश

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने संक्षिप्त सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट व्यापक सिद्धांत तय कर सकता है, लेकिन हाईकोर्ट से उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कहा जा सकता है। केंद्र सरकार की ओर यह सुझाव दिया गया कि मामले को संबंधित हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाए। इस पर पीठ ने कहा कि पहले सभी राज्यों से बुजुर्गों के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के बारे में अपडेटेड जानकारी मांगना उचित रहेगा।

उपलब्धियों की रिपोर्टिंग

पीठ ने भारत सरकार के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी की ओर से सभी राज्यों के एडवोकेट जनरल को एक सूचना भेजी जाए ताकि वे वृद्धाश्रम बनाने और वहां दी जा रही जरूरी व बुनियादी सुविधाओं के बारे में नवीनतम स्टेटस रिपोर्ट जमा कर सकें। पीठ ने सभी राज्यों को अपने एडवोकेट जनरल को सूचना मिलने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी होगी। डॉ.अश्वनी कुमार की ओर से 2016 में याचिका दाखिल की गई थी।

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