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उदयनिधि स्टालिन विवाद: सनातन धर्म पर टिप्पणी के बाद पुलिस हिरासत में

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनका कथित 'डबल मीनिंग' बयान ने प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया है।

4 अगस्त 2026 को 01:16 pm बजे
उदयनिधि स्टालिन विवाद: सनातन धर्म पर टिप्पणी के बाद पुलिस हिरासत में

सौजन्य से:- Hindustan

सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बता चुके उदयनिधि स्टालिन, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

उदयनिधि स्टालिन फिर बड़े विवाद में हैं। कावेरी रैली में एक्ट्रेस तृषा पर कथित 'डबल मीनिंग' टिप्पणी के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। जानिए सनातन विवाद से लेकर इस नए सियासी बवाल का पूरा सच।

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कावेरी जल विवाद को लेकर तंजावुर में आयोजित एक जनसभा में दिए गए उनके कथित 'डबल मीनिंग' बयान ने प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया है। मंगलवार सुबह राज्य पुलिस ने उन्हें चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनके समर्थक सड़क पर उतर आए हैं। बाद में मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें छोड़ने का आदेश दे दिया।

हालांकि ये पहला मौका नहीं है जब पूर्व सीएम एमके स्टालिन के बेटे विवादों में घिर गए हैं। इससे पहले वे सनातन धर्म को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं।

पुराने विवाद: जब सनातन धर्म को बताया था 'डेंगू-मलेरिया'

उदयनिधि स्टालिन अपनी भाषा और बयानों को लेकर अक्सर कानूनी पचड़े में फंसते रहैं। 'सनातन उन्मूलन सम्मेलन' में बोलते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। उन्होंने कहा था, "कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही करना होता है। हम डेंगू, मच्छरों, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते। हमें इन्हें जड़ से खत्म करना होगा। ठीक उसी तरह हमें सनातन को भी खत्म करना होगा।" उनके इस बयान ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे देश में भारी राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के तत्कालीन मंत्री उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म को "खत्म" करने की वकालत करने वाले उनके विवादित बयान के लिए कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने मंत्री से पूछा कि भड़काऊ बयान देने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों किया; कोर्ट ने कहा कि एक मंत्री के तौर पर उन्हें अपने शब्दों के नतीजों का अच्छी तरह पता होना चाहिए था।

अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हैं- SC ने फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, "आप (संविधान के) आर्टिकल 19(1)(a) के तहत मिले अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हैं। आप आर्टिकल 25 के तहत मिले अधिकार का भी गलत इस्तेमाल करते हैं। अब आप आर्टिकल 32 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं (सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए)? क्या आपको पता नहीं है कि आपने जो कहा, उसका क्या नतीजा होगा? आप कोई आम आदमी नहीं हैं। आप एक मंत्री हैं। आपको नतीजों के बारे में पता होना चाहिए।" हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी, 2025 को उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली तीन रिट याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। ये याचिकाएं सनातन धर्म पर उनके सितंबर 2023 के भाषण को लेकर दायर की गई थीं।

मद्रास हाईकोर्ट ने भी फटकारा था

इसके अलावा हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट ने भी उनके इस बयान को सख्त तौर पर 'हेट स्पीच' करार दिया था। कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि जो लोग कथित तौर पर हेट स्पीच देते हैं, वे अक्सर बिना सजा पाए बच जाते हैं। हाई कोर्ट ने कहा, "यह साफ है कि पिछले 100 सालों से द्रविड़ कड़गम और उसके बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम- जिससे मंत्री जुड़े हैं - उनकी ओर से हिंदू धर्म पर साफ तौर पर हमले किए गए हैं। हालात पर गौर करने पर पता चलता है कि याचिकाकर्ता ने मंत्री के भाषण के छिपे हुए अर्थ पर सवाल उठाया था।"

ताजा विवाद क्या है?

आरोप है कि रैली के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिया था जिस पर उन्होंने अपने भाषण के दौरान अभिनेत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक डबल मीनिंग टिप्पणी की थी। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री विजय थपलति के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने भी इस भाषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

लेखक के बारे में

Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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