होममुकदमेसुप्रीम कोर्ट ने साझा करने से रोका अदालत के वीडियो: बिना अनुमति नहीं हो सकती रीपोस्ट
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने साझा करने से रोका अदालत के वीडियो: बिना अनुमति नहीं हो सकती रीपोस्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की कार्यवाही के वीडियो के बिना साझा करने पर अंकुश लगाने के लिए आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि बिना अनुमति के अदालत के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जा सकता है.

25 जुलाई 2026 को 07:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने साझा करने से रोका अदालत के वीडियो: बिना अनुमति नहीं हो सकती रीपोस्ट

सौजन्य से:- Aaj Tak News

Sign In

Advertisement

X

सुप्रीम कोर्ट ने हाइब्रिड और ऑनलाइन सुनवाई के ऑडियो-वीडियो प्रसारण को लेकर सख्ती दिखाई है. कोर्ट ने नए अंतरिम निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पहले से अनुमति के बिना अदालत की कार्यवाही की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, अपलोड, ब्रॉडकास्ट/टेलीकास्ट, रीपोस्ट, रिकॉर्ड, मॉडिफाई या मोनेटाइज नहीं किया जा सकेगा.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे, उन्होंने अदालत की कार्यवाही के वीडियो के अनथोराइज्ड इस्तेमाल और उनके मोनेटाइजेशन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया.

कोर्ट ने कहा कि संबंधित हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल या सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल की पूर्व अनुमति के बिना कोर्ट की लाइव-स्ट्रीम की गई कार्यवाही की रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना, रीपोस्ट करना, निकालना (एक्सट्रैक्ट करना), एडिट करना, प्रसारित करना, मोनेटाइज करना या अपलोड करना बैन रहेगा. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का न्यूज रिपोर्टिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने सेक्रेटरी जनरल और सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि इस आदेश को संबंधित अदालतों की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिखाया जाए.

Advertisement

राज्यों और हाईकोर्ट से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही केंद्र सरकार से यह जांच करने को कहा है कि याचिका में उठाई गई मांगों को किस हद तक लागू किया जा सकता है. इसके अलावा, पीठ ने सभी हाईकोर्ट से अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग को रेगुलेट करने के लिए बनाए गए नियमों पर रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट यह बताएं कि लगातार लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं.

---- समाप्त ----

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत
मुकदमे

सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी
मुकदमे

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
मुकदमे

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव
मुकदमे

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या
मुकदमे

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या

ताज़ा ख़बरें