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सुप्रीम कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को हाई कोर्ट की ओर भेजने का संकेत दिया

सुप्रीम कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को इलाहाबाद हाई कोर्ट में भेजने का संकेत दिया है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है।

13 अगस्त 2026 को 02:58 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को हाई कोर्ट की ओर भेजने का संकेत दिया

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

पीठ ने कहा कि यह आवेदन किसी और उद्देश्य के लिए था और सभी वादियों को नोटिस जारी नहीं किए गए। हम किसी भी स्थिति में मामले को हाई कोर्ट वापस भेजने के इच्छुक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की। इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कुछ वकीलों ने अदालत में यह जानकारी दी थी कि हिंदू पक्षकारों के बीच अनौपचारिक बातचीत चल रही है कि इस विवाद में किसका मुकदमा मुख्य वाद के रूप में माना जाए।

फिर से हाई कोर्ट भेजने का आग्रह किया गया

कुछ हिंदू पक्षकारों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत से आग्रह किया कि मामले को फिर से निर्णय के लिए हाई कोर्ट भेज दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2025 के उस आदेश को चुनौती देने वाली एक हिंदू पक्षकार की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें हाई कोर्ट ने एक अन्य मुकदमे में शामिल हिंदू पक्षकार को भगवान कृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधि माना था।आदेशों को चुनौती दी गई थी

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मस्जिद समिति और हिंदू पक्षों की ओर से दायर कई याचिकाएं लंबित हैं। इनमें विभिन्न आदेशों को चुनौती दी गई है, जिनमें हाई कोर्ट के 26 मई, 2023 के उस आदेश को दी गई चुनौती भी शामिल है, जिसके तहत मथुरा अदालत में लंबित इस विवाद से जुड़े सभी मामलों को हाई कोर्ट ने अपने पास स्थानांतरित कर लिया था।पिछले साल 18 जुलाई को हाई कोर्ट ने एक अन्य हिंदू पक्षकार को, जिसने मथुरा में विवादित स्थल से शाही ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग को लेकर अलग मुकदमा दायर किया था, सभी भक्तों के प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देने की अनुमति दी थी।

2023 में कोर्ट ने अर्जी स्वीकार की थी

सुपीम कोर्ट ने 2023 के वाद संख्या 17 के वादी की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया था, जिसमें उसने अपने मुकदमे को विवाद से जुड़े अन्य सभी मुकदमों का प्रतिनिधि वाद मानने का अनुरोध किया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने कहा था कि वाद संख्या 17 को प्रतिनिधि वाद माना जाएगा और सबसे पहले इसी पर सुनवाई कर फैसला किया जाएगा।एक हिंदू पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था

इससे असंतुष्ट एक हिंदू पक्षकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उसने कहा था कि विवाद से जुड़े सभी दीवानी मुकदमों को हाई कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने के बाद उसके मुकदमे को मुख्य वाद माना गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने किसी अन्य पक्षकार को सभी भक्तों का प्रतिनिधि मानकर त्रुटि की।यह विवाद मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मुगल सम्राट औरंगजेब ने भगवान कृष्ण की जन्मस्थली पर बने मंदिर को तोड़कर वहां इस मस्जिद का निर्माण कराया था।

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