होममुकदमेबिहार पंचायत चुनाव, पटना हाईकोर्ट का आरक्षण पर नया फैसला
मुकदमे

बिहार पंचायत चुनाव, पटना हाईकोर्ट का आरक्षण पर नया फैसला

बिहार पंचायत चुनाव: पटना हाईकोर्ट ने मुखिया चुनाव में आरक्षण का फॉर्मूला किया साफ, बताया कौन सा कानून होगा लागू पटना हाईकोर्ट Bihar Panchayat Chunav: पटना हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर फैसला सुनाया है. कोर्…

25 अगस्त 2026 को 07:55 am बजे
बिहार पंचायत चुनाव, पटना हाईकोर्ट का आरक्षण पर नया फैसला

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

बिहार पंचायत चुनाव: पटना हाईकोर्ट ने मुखिया चुनाव में आरक्षण का फॉर्मूला किया साफ, बताया कौन सा कानून होगा लागू

पटना हाईकोर्ट

Bihar Panchayat Chunav: पटना हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि मुखिया के चुनाव में आरक्षण बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 15(5) के तहत तय होगा. 1991 के बिहार आरक्षण कानून को सीधे लागू नहीं किया जा सकता.

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी जारी है. इस बीच चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से जुड़ी जरूरी खबर है. पटना हाईकोर्ट ने बेहद खास फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सरकारी नौकरी में मिलने वाला आरक्षण और पंचायत चुनाव का आरक्षण एक ही नियम से तय नहीं होगा. खासकर मुखिया के चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए 1991 के बिहार आरक्षण कानून को सीधे लागू नहीं किया जा सकता.

आपके शहर में

इस मामले में सुनवाई पर लिया गया फैसला

यह फैसला सहरसा जिले की ग्राम पंचायत राज सहुरिया के मुखिया मो. ईसा की याचिका पर आया है. न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मुखिया के चुनाव में आरक्षण का आधार बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 15(5) होगी.

आखिर विवाद क्या था?

मो. ईसा को मुखिया पद से हटाने के मामले में जाति छानबीन समिति की रिपोर्ट सामने आई थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें पद से हटाने का आदेश दिया था. मो. ईसा ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने न केवल निर्वाचन आयोग के आदेश को रद्द कर दिया, बल्कि जाति छानबीन समिति की रिपोर्ट को भी निरस्त कर दिया. कोर्ट का यह फैसला 31 पन्नों का है.

बिहार से जुड़ी अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

1991 के आरक्षण कानून की भूमिका क्या है?

पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिहार का 1991 वाला आरक्षण कानून मुख्य रूप से राज्य सरकार की नौकरियों और सेवाओं में आरक्षण से जुड़ा है. इसलिए पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण तय करने के लिए इसे सीधे लागू नहीं किया जा सकता.

लेकिन, इस कानून का इस्तेमाल यह निर्धारित करने में किया जा सकता है कि कौन-कौन सी जातियां पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में आती हैं. लेकिन पंचायत चुनाव में किस सीट पर किस वर्ग के लिए आरक्षण होगा, इसके लिए अलग कानूनी प्रावधान लागू होंगे.

अब क्या बदलेगा?

कोर्ट के इस फैसले से पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर चल रहे कई विवादों की तस्वीर साफ हो सकती है. मुखिया की सीट के आरक्षण से जुड़े मामलों में अब बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 15(5) को प्रमुख आधार माना जाएगा. इस तरह से हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि नौकरी का आरक्षण अलग, चुनाव का आरक्षण अलग और दोनों के नियम भी अलग हैं.

Also read: कौन हैं IAS राजेश कुमार सिंह? 'हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार' कहने वाले BPSC अधिकारी हुए सस्पेंड

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत
मुकदमे

सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी
मुकदमे

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
मुकदमे

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव
मुकदमे

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें
मुकदमे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या
मुकदमे

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या

ताज़ा ख़बरें