इमरान मसूद ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट की मांग जताई
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण को कानून और नियमों के उल्लंघन के रूप में बताया और दावा किया कि दस्तावेजी सबूत अदालत में टिकेंगे। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति का दर्जा अभी भी स्पष्ट नहीं है और इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के लिए तैयार हैं।

सौजन्य से:- ABP News
'सुप्रीम कोर्ट जाएंगे...', सहारनपुर मस्जिद मामले पर बोले इमरान मसूद
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मामला गर्मा गया है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई को गलत ठहराया और अब सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मामला पूरी तरह से गर्मा गया है. सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने इसे क़ानून और नियमों को पूरी तरह नजर अंदाज करने वाला बताया और कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे.
इमरान मसूद ने कहा, "यहां सभी नियमों, कानूनों और कायदों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए बहुत गलत कदम उठाया गया. दस्तावेजी सबूत इतने मजबूत हैं कि यह कदम अदालत में टिक नहीं पाएगा. हमने जो सबूत पेश किए हैं, उन्हें नकारा नहीं जा सकता. किसी चीज को सार्वजनिक संपत्ति घोषित करने के लिए, पहले यह साबित करना होगा कि वह सार्वजनिक संपत्ति है. अभी भी दस्तावेज़ों में इसे सार्वजनिक संपत्ति के तौर पर दर्ज नहीं किया गया है. उनमें अब भी अब्दुल खान और वाहिद खान के नाम दर्ज हैं. हम इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं."
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क्या है पूरा मामला ?
बता दे सितंबर को सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जिला जज सत्येन्द्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद मामले में नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी. जिसमें ध्वस्तीकरण के साथ ही 6 करोड़, 41 लाख, 65 हजार, पांच सौ रूपए की क्षतिपूर्ति बरकारार रखी थी. अदालत के फैसले के बाद शनिवार तड़के सुबह प्रशासन ने मस्जिद पर बुलडोजर चलवा दिया.
इससे पाहले 24 मार्च 2025 को प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पीपी एक्ट के तहत मामला दायर किया था, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए ध्वस्तीकरण के साथ 6 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति का आदेश जारी किया. इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष डिस्ट्रिक्ट कोर्ट गया वहां से भी उसे निराशा मिली.
नेताओं को किया नजरबंद
शुक्रवार को प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर को सील कर दिया, जिसके बाद विरोध में आए सपा और कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया था. कैराना में सपा सांसद इकरा हसन और सहारनपुर में इमरान मसूद को भी हाउस अरेस्ट कर लिया गया. जिसका इन लोगों ने विरोध भी जताया. लेकिन प्रशासन के आगे इनकी एक न चली.
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