सुप्रीम कोर्ट ने अशोक चक्र लगाने की मांग को ठुकराया, अदालत ने दिया ये जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति की अर्जी पर अशोक चक्र लगाने की मांग को ठुकरा दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, हम गेट पर क्या लगाना है हम देख लेंगे। अदालत ने कहा, दुनिया में समस्याएं हैं उनका ध्यान रखिए।

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट ने अशोक चक्र लगाने की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, जानें अदालत ने क्या कहा
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के गेट पर क्या लगाना है हम देख लेंगे.
Published : July 28, 2026 at 8:25 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी बिल्डिंग पर अशोक चक्र लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे मामलों का फैसला कोर्ट खुद करेगा.
यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने आया. बेंच याचिकाकर्ता बदरवाद वेणुगोपाल, जिन्हें बाबा खतरनाक के नाम से भी जाना जाता है, की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि, "'सुप्रीम कोर्ट के गेट पर क्या लगाना है हम देख लेंगे... आप दुनिया में इतनी समस्याएं हैं उनका ध्यान रखिए." यह अर्जी सुप्रीम कोर्ट के मेन गुंबद पर नेशनल एम्बलम लगाने से जुड़ी थी, और जिसे याचिकाकर्ता ने 'कोर्ट की संवैधानिक पहचान' बताया था.
कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, वेणुगोपाल ने पहले इस मुद्दे पर निर्देश मांगने के लिए संविधान के आर्टिकल 32 के तहत एक रिट याचिका दायर की थी. मार्च में, सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी का निपटारा करते हुए कहा कि इस मामले पर प्रशासनिक पक्ष से विचार करने की जरूरत है और सेक्रेटरी जनरल को सक्षम अथॉरिटी के सामने एक सही नोट रखने का निर्देश दिया.
बाद में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के मेन गुंबद पर नेशनल एम्बलम लगाने के संबंध में उन प्रशासनिक निर्देशों की स्थिति और असरदार तरीके से लागू करने की मांग करते हुए एक अर्जी दी.
ये भी पढे़ं: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश लोकायुक्त नियुक्ति मामले में सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता से कहा- 'हाई कोर्ट जाएं'
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