सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने राज्यपाल से मिलते हुए दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की तात्कालिकता जताई
संसद सदस्य ने बताया कि तिरहुत‑कोसी क्षेत्र के करोड़ों नागरिकों को पटना तक लंबी यात्रा कर जटिल खर्च वहन करना पड़ता है, और दरभंगा में एक स्थायी बेंच लगने से समय व धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने इस योजना के समर्थन में केंद्रीय कानून मंत्री और राज्यपाल दोनों से सकारात्मक आश्वासन प्राप्त करने का उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र के विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय दर्जा, तथा आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, एनआईडि जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की भी अपील की।

सौजन्य से:- Jagran
दरभंगा में पटना हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज, सांसद ने केंद्रीय कानून मंत्री के बाद राज्यपाल से की मुलाकात
Patna High Court Bench Darbhanga:सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर दरभंगा में पटना हाईकोर्ट ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, दरभंगा। Patna High Court Bench Darbhanga: दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला क्षेत्र की प्राचीन गरिमा को वैश्विक पहचान दिलाने और विकास को गति देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार लगातार प्रयासरत हैं। यह बात सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने पटना स्थित लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन से औपचारिक मुलाकात के बाद कही।
इस दौरान सांसद ने दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की एक स्थायी खंडपीठ (बेंच) स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
सुलभ न्याय की मांग
उन्होंने बताया कि उत्तर बिहार के तिरहुत और कोसी प्रमंडल के करीब आठ करोड़ लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए पटना जाना पड़ता है। लोगों को चार से सात घंटे का लंबा सफर तय करने के साथ ही भारी आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ता है। ऐसे में दरभंगा में बेंच की स्थापना होने से लाखों वादकारियों के समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।
संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता
सांसद ने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर उनकी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी सकारात्मक वार्ता हो चुकी है। प्रस्तावित बेंच के प्रशासनिक और न्यायिक बुनियादी ढांचे के लिए दरभंगा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यपाल के समक्ष क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार से जुड़े कई अहम मुद्दे भी रखे।
उच्च शिक्षण संस्थानों की जरूरत
सांसद ने मांग की कि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा दरभंगा में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित किए जाएं। साथ ही महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (WIT) का संचालन केंद्र सरकार अपने हाथ में ले।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार
सांसद ने विश्वविद्यालय में बंद पड़े दूरस्थ शिक्षा केंद्र को विद्यार्थियों के हित में दोबारा शुरू करने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त बेनीपुर और बिरौल कॉलेजों में इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम की पढ़ाई तत्काल शुरू कराने की मांग रखी गई। राज्यपाल ने सांसद द्वारा उठाए गए जनहित के सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
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