पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के दो‑हफ्ते में डीए‑डीआर भुगतान आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बकाया महंगाई भत्ता व राहत की रकम दो हफ्ते में चुकाने के हाई कोर्ट के आदेश को राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में उल्टा दिया है। सरकार का कहना है कि 14,191 करोड़ रुपये की इस राशि को इतने छोटे समय में निपटाना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है, और यदि भुगतान में देरी होती है तो छह प्रतिशत साधारण ब्याज देना पड़ेगा।

सौजन्य से:- jagran.com
पंजाब सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, DA बकाया दो हफ्ते में चुकाने के हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित डीए और डीआर की बकाया राशि का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
HighLights
- पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है
- भुगतान में चूक होती है तो राज्य को छह प्रतिशत साधारण ब्याज देना होगा
पीटीआई, नई दिल्ली। पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित डीए और डीआर की बकाया राशि का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की सभी बकाया राशि का भुगतान दो सप्ताह के अंदर करने के पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
राज्य सरकार का कहना है कि 14,191 करोड़ रुपये की बकाया राशि का इतने कम समय में भुगतान संवैधानिक रूप से संभव नहीं है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा यह विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई है।
इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के तीन अगस्त के उस फैसले को चुनौति दी गई है, जिसमें राज्य सरकार को पंजाब में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों पर लागू दरों के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबित डीए-डीआर बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।
हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगर भुगतान में चूक होती है तो राज्य को छह प्रतिशत साधारण ब्याज देना होगा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत, 16,600 ट्रैफ़िक‑परिवहन मामलों का त्वरित निपटारा, 90‑दिन पुराने चालानों पर 50% तक राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शरिया कोर्ट के आदेश को कानूनी मान्यता नहीं दी

हरी झंडी दिखाकर शुरू, 12 सितंबर को हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

सर्वर त्रुटि 500: अस्थायी व्यवधान

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगाई: बिना आरटीई, एनसीटीई, यूजीसी योग्यता के नहीं होंगे

सर्वर त्रुटि 500 – पुनः प्रयास करें

500 सर्वर त्रुटि: अस्थायी समस्या
ताज़ा ख़बरें
- सर्वर त्रुटि 500: बाद में पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – कृपया बाद में पुनः प्रयास करें
- सर्वर पर 500 त्रुटि: पृष्ठ लोड नहीं हो पाया
- 500 सर्वर त्रुटि – पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500: पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी समस्या, कृपया पुनः प्रयास करें
- सर्वर त्रुटि 500 – अस्थायी समस्या
- राष्ट्रीय लोक अदालत: महराजगंज में मामलों के तेज निपटारे की पहल

