होमअपराधपटना हाई कोर्ट ने मधुबनी ADJ को चेतावनी, दोबारा प्रशिक्षण की माँग की
अपराध

पटना हाई कोर्ट ने मधुबनी ADJ को चेतावनी, दोबारा प्रशिक्षण की माँग की

पटना हाई कोर्ट ने मधुबनी के अपर सत्र न्यायाधीश‑V को अग्रिम जमानत आदेश में सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के पूर्वनिर्देशों को नज़रअंदाज़ करने पर शो‑काज़ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने एक हफ्ते में जवाब माँगा और न्यायिक अधिकारी को बिहार न्यायिक अकादमी में पुनः प्रशिक्षण भेजने का सुझाव दिया, अगली सुनवाई 24 सितंबर तय है।

18 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
पटना हाई कोर्ट ने मधुबनी ADJ को चेतावनी, दोबारा प्रशिक्षण की माँग की

सौजन्य से:- Jagran

जज साहब ही भूल गए कानून? पटना हाई कोर्ट की ADJ को फटकार, कहा- आपको दोबारा ट्रेनिंग पर भेज दें

पटना हाई कोर्ट ने मधुबनी के अपर सत्र न्यायाधीश-V को अग्रिम जमानत मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की नजीरों की अनदेखी करने पर शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

HighLights

- मधुबनी एडीजे को हाई कोर्ट ने शो-कॉज नोटिस भेजा।

- अग्रिम जमानत पर गलत आदेश देने पर नाराजगी जताई।

- न्यायिक अधिकारी को दोबारा प्रशिक्षण भेजने पर सवाल।

विधि संवाददाता, पटना। न्यायिक आदेश में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की स्पष्ट नज़ीरों की अनदेखी करना मधुबनी के अपर सत्र न्यायाधीश-V को भारी पड़ गया। पटना हाई कोर्ट ने उनके आदेश पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शो-काज जारी किया है।

न्यायाधीश जितेंद्र कुमार की एकलपीठ ने जिला न्यायाधीश के माध्यम से संबंधित न्यायिक अधिकारी से एक सप्ताह में जवाब मांगा है कि उन्हें बिहार न्यायिक अकादमी में दोबारा प्रशिक्षण के लिए क्यों नहीं भेजा जाए। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

क्या है मामला?

मामला मधुबनी महिला थाना कांड संख्या 44/2025 से जुड़ा है। आरोपी नीरज कुमार मिश्रा ने अग्रिम जमानत की मांग की थी।

अपर सत्र न्यायाधीश-V ने 16 अप्रैल 2026 के आदेश में जमानत याचिका को स्वीकार या खारिज करने के बजाय आरोपी को चार सप्ताह के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत लेने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सरोज कुमार चौधरी ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखते कोर्ट कोर्ट को बताया कि इस आदेश में 'नौशाद अंसारी बनाम बिहार राज्य' के फैसले पर भरोसा किया गया, जबकि हाई कोर्ट की खंडपीठ 'मो. राजा बनाम बिहार राज्य' मामले में उक्त निर्णय को असावधानीवश किया गया निर्णय घोषित कर चुकी है।

इसके अलावा 'आशिक कुमार शाह' (2025) मामले में भी स्पष्ट किया जा चुका है कि सत्र अदालत को धारा 482 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अग्रिम जमानत याचिका पर स्वीकार या अस्वीकार का निर्णय करना होगा।

पीठ ने कहा कि संबंधित न्यायिक अधिकारियों को इस संबंध में निर्णय की प्रतियां भेजी जा चुकी हैं और फैसला विधि पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हो चुका है। इसके बावजूद ऐसा आदेश पारित होना प्रथमदृष्टया गंभीर चिंता का विषय है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे आदेशों से आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है। याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें- नवजात गायब मामले में पटना हाई कोर्ट का एक्शन, 3 साल की देरी पर फूटा गुस्सा; थानाध्यक्ष को SIT से हटाने का आदेश

यह भी पढ़ें- 'चंदा मामा दूर के' में छपे एक शब्द पर बवाल, पटना हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब; 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
आधुनिक अपराध कानून और फॉरेंसिक तकनीक पर पुलिस प्रशिक्षण सत्र
अपराध

आधुनिक अपराध कानून और फॉरेंसिक तकनीक पर पुलिस प्रशिक्षण सत्र

असम के विदेशी ट्रिब्यूनल सदस्य पर रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार
अपराध

असम के विदेशी ट्रिब्यूनल सदस्य पर रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार

आलाहाबाद हाई कोर्ट: धर्म परिवर्तन से स्वदेशी जनजातीय दर्जा नहीं हटता
अपराध

आलाहाबाद हाई कोर्ट: धर्म परिवर्तन से स्वदेशी जनजातीय दर्जा नहीं हटता

जहरखंड हाई कोर्ट ने कहा: बिना चार्ज‑शीट के सरकारी कर्मचारी की निलंबन अवधि 3 महीने से अधिक नहीं हो सकती
अपराध

जहरखंड हाई कोर्ट ने कहा: बिना चार्ज‑शीट के सरकारी कर्मचारी की निलंबन अवधि 3 महीने से अधिक नहीं हो सकती

निथारी केस से बरी सुरीन्द्र कोली की मौत, हारिद्वार की चाय की दुकान में लटकते पाए गए
अपराध

निथारी केस से बरी सुरीन्द्र कोली की मौत, हारिद्वार की चाय की दुकान में लटकते पाए गए

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्टों को केस निपटाने की डेडलाइन देने से किया बचाव
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्टों को केस निपटाने की डेडलाइन देने से किया बचाव

दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयूएसयू चुनाव के बाद जीत के जुलूस पर रोक, छात्र संगठनों को अनुशासनात्मक दंड का नोटिस दिया
अपराध

दिल्ली हाई कोर्ट ने डीयूएसयू चुनाव के बाद जीत के जुलूस पर रोक, छात्र संगठनों को अनुशासनात्मक दंड का नोटिस दिया

रिपोर्टर टीवी के MD अनटो ऑगस्टीन को कर्नाटक में शराब रखने के आरोप पर जमानत से वंचित
अपराध

रिपोर्टर टीवी के MD अनटो ऑगस्टीन को कर्नाटक में शराब रखने के आरोप पर जमानत से वंचित

ताज़ा ख़बरें