सोनीपत में 30 साल पुराना भूमि विवाद समाप्त: विशेष लोक अदालत के माध्यम से मुआवजा मिलेगा
सोनीपत में 30 साल पुराना भूमि विवाद समाप्त हो गया है। विशेष लोक अदालत के माध्यम से इस विवाद का समाधान निकाला गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मुआवजा मिलेगा।

सौजन्य से:- दैनिक भास्कर
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सोनीपत में 30 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा:विशेष लोक अदालत में हुआ समाधान, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरुप मिलेगा मुआवजा
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सोनीपत में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एन. ए. एल. एस. ए.) और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एचएसएलएसए) के मार्गदर्शन में आयोजित समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता एवं सुलह क
यह विवाद दविंदर सिंह एवं अन्य बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य शीर्षक से संबंधित था। मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र में प्री-लोक अदालत सुलह कार्यवाही के तहत इस भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला गया। यह मामला वर्ष 1995 से विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन था।
प्रारंभिक चरण में, याचिकाकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण मुआवजे में वृद्धि के लिए एक संदर्भ याचिका दायर की थी। इस पर तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत ने 12 दिसंबर 1995 को मुआवजा राशि बढ़ाकर 49 रुपए प्रति वर्ग गज निर्धारित की थी।
हाईकोर्ट ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 77 रुपए प्रति वर्ग गज की थी
इसके बाद, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर नियमित प्रथम अपील के निर्णय में मुआवजा राशि को बढ़ाकर 77 रुपए प्रति वर्ग गज कर दिया गया। बाद में, याचिकाकर्ताओं ने विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
समाधान समारोह-2026 के तहत 22 जुलाई को आयोजित सुलह बैठक में पक्षकारों एवं संबंधित विभागों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप भूमि अर्जन अधिकारी, शहरी संपदा विभाग, रोहतक ने कार्यालय के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के "सुखदेवी (मृतक) बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य" मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप मुआवजा राशि जारी करने पर सहमति व्यक्त की, जिसे याचिकाकर्ताओं ने स्वीकार कर लिया।
विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने क अपील
यह प्रक्रिया मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सह-सचिव प्रचेता सिंह के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। उनके सतत प्रयासों तथा पक्षकारों के सकारात्मक सहयोग से लगभग तीन दशक पुराने विवाद के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होने कहा कि समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 न्याय प्राप्ति का एक प्रभावी, सरल, त्वरित एवं कम खर्चीला माध्यम है। उन्होंने नागरिकों, विभागों एवं वादकारियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने तथा आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से अपने लंबित विवादों का समाधान कराने का आह्वान किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ने सभी पात्र पक्षकारों से अपील की है कि वे समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)-2026 का अधिकतम लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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