आज़मगढ़ में पेंशन अदालत, 2014 से टिकी केस पर कमिश्नर ने दिया कड़ा आदेश
आज़मगढ़ मंडल में आयुक्त विवेक की अध्यक्षता में पेंशन अदालत में छह मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें 2014 से लंबित एक प्रकरण पर उनकी नाराजगी स्पष्ट हुई। उन्होंने लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की और सभी बकाया मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देश दिया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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2014 से पेंशन अटकी, कमिश्नर ने जताई नाराजगी:आजमगढ़ में 6 मामलों पर सुनवाई; लापरवाही करने वालों पर एक्शन के आदेश
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आजमगढ़ मंडल में पेंशन से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए मंगलवार को आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत लगाई गई। मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में हुई अदालत में आजमगढ़ के 3, बलिया के 1 और मऊ के 2 समेत कुल 6 प्रकरण रखे गए।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेंशन से जुड़े सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी का पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। जिन मामलों में कार्रवाई जरूरी है, उसे तत्काल पूरा कर पेंशन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
2014 से लंबित मामला मिला, कमिश्नर नाराज
पेंशन अदालत में जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ कार्यालय से वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त कर्मचारी का पेंशन प्रकरण लंबे समय से लंबित मिला। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ को मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा। इसी कार्यालय से जुड़े एक अन्य लंबित पेंशन प्रकरण का भी तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
फिक्सेशन की गलती से कम मिली पारिवारिक पेंशन
जिलाधिकारी कार्यालय आजमगढ़ से जुड़े एक मामले में मृतक कर्मचारी के परिवार को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन में कम भुगतान की शिकायत सामने आई। मुख्य कोषाधिकारी अनुराग कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्तर पर पेंशन फिक्सेशन में गलती हुई थी। इसे सुधार दिया गया है और अब नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है।
बलिया में OTP की वजह से अटका मामला
बलिया के जिला विकास अधिकारी कार्यालय से जून में सेवानिवृत्त कर्मचारी का पेंशन प्रकरण भी अदालत में आया। बताया गया कि पेंशनर राज्य से बाहर हैं, इसलिए मोबाइल पर आने वाली OTP प्राप्त नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने पेंशनर से बातचीत कर ली है। उनके वापस लौटने पर प्रकरण का निस्तारण कर दिया जाएगा।
पिछली अदालत के सभी 27 मामले निस्तारित
मंडलायुक्त के निर्देश पर पिछली पेंशन अदालत में रखे गए 27 प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछली अदालत में आए सभी 27 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है।
मंडलायुक्त ने वर्तमान पेंशन अदालत में आए अन्य प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।
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