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दिल्ली कोर्ट ने मार्कोस कमांडो को 2.46 करोड़ रुपये का मुआवजा, सड़क हादसे ने छीना उनका सपना

दिल्ली की अदालत ने 2018 के सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता के शिकार मार्कोस कमांडो लखपत सिंह को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिससे उनका पेशेवर जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

26 जून 2026 को 03:23 am बजे
दिल्ली कोर्ट ने मार्कोस कमांडो को 2.46 करोड़ रुपये का मुआवजा, सड़क हादसे ने छीना उनका सपना

सौजन्य से:- Jagran

दिल्ली: सड़क हादसे ने छीना मार्कोस कमांडो का सपना, अदालत ने दिलाया 2.46 करोड़ का मुआवजा

दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता के शिकार मार्कोस कमांडो लखपत सिंह को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश ...और पढ़ें

HighLights

- मार्कोस कमांडो को सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता हुई।

- दिल्ली कोर्ट ने 2.46 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया।

- हादसे से कमांडो का पेशेवर जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में पटियाला हाउस स्थित दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) और पेशेवर गोताखोर लखपत सिंह को वर्ष 2018 में हुए सड़क हादसे में 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता होने के बाद 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने कहा कि हादसे के समय 23 वर्षीय लखपत सिंह आईएनएस कर्णा में तैनात थे। 25 दिसंबर 2018 को छुट्टी के दौरान मोटरसाइकिल से जाते समय एक कार ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना में उनके श्रोणि, दाहिने हाथ और पैर में 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता हो गई।

अदालत ने माना कि कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कर मरीन कमांडो और गोताखोर बने लखपत सिंह अब अपने पेशे और कौशल से जुड़ा कोई कार्य नहीं कर सकते। वर्तमान में वह दो सहायकों की मदद से केवल डेस्क जाब कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में लापरवाही की हद: नाले से गाद निकालकर सड़क पर छोड़ा, खुले ढक्कन दे रहे हैं हादसों को न्योता

ट्रिब्यूनल ने उनकी भविष्य की आय अर्जित करने की क्षमता को पूरी तरह प्रभावित मानते हुए बीमा कंपनी को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का निर्देश दिया।

अदालत ने टिप्पणी की कि सड़क पर लापरवाही किसी व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बदल सकती है और देश को ऐसे प्रशिक्षित एवं महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों से भी वंचित कर सकती है।

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