दिल्ली कोर्ट ने मार्कोस कमांडो को 2.46 करोड़ रुपये का मुआवजा, सड़क हादसे ने छीना उनका सपना
दिल्ली की अदालत ने 2018 के सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता के शिकार मार्कोस कमांडो लखपत सिंह को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिससे उनका पेशेवर जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

सौजन्य से:- Jagran
दिल्ली: सड़क हादसे ने छीना मार्कोस कमांडो का सपना, अदालत ने दिलाया 2.46 करोड़ का मुआवजा
दिल्ली की एक अदालत ने 2018 के सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता के शिकार मार्कोस कमांडो लखपत सिंह को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश ...और पढ़ें
HighLights
- मार्कोस कमांडो को सड़क हादसे में 88% स्थायी विकलांगता हुई।
- दिल्ली कोर्ट ने 2.46 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया।
- हादसे से कमांडो का पेशेवर जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में पटियाला हाउस स्थित दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) और पेशेवर गोताखोर लखपत सिंह को वर्ष 2018 में हुए सड़क हादसे में 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता होने के बाद 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने कहा कि हादसे के समय 23 वर्षीय लखपत सिंह आईएनएस कर्णा में तैनात थे। 25 दिसंबर 2018 को छुट्टी के दौरान मोटरसाइकिल से जाते समय एक कार ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना में उनके श्रोणि, दाहिने हाथ और पैर में 88 प्रतिशत स्थायी विकलांगता हो गई।
अदालत ने माना कि कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कर मरीन कमांडो और गोताखोर बने लखपत सिंह अब अपने पेशे और कौशल से जुड़ा कोई कार्य नहीं कर सकते। वर्तमान में वह दो सहायकों की मदद से केवल डेस्क जाब कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में लापरवाही की हद: नाले से गाद निकालकर सड़क पर छोड़ा, खुले ढक्कन दे रहे हैं हादसों को न्योता
ट्रिब्यूनल ने उनकी भविष्य की आय अर्जित करने की क्षमता को पूरी तरह प्रभावित मानते हुए बीमा कंपनी को 2.46 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
अदालत ने टिप्पणी की कि सड़क पर लापरवाही किसी व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बदल सकती है और देश को ऐसे प्रशिक्षित एवं महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों से भी वंचित कर सकती है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने चीनी‑एथेनॉल मुआवजा दावों के 103.4 अरब रियाल के मुद्दे को पूर्ण पीठ तक पहुँचाया
- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम, न्यायिक आयोग बनाकर ध्वस्तीकरण का आदेश
- मोदी सरकार ने OBC ‘क्रीमी लेयर’ नियम लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो साल की रियायत माँगी
- अंतर्राष्ट्रीय कानून की स्नातक ने नौकरी छोड़कर सब्जी विक्रय में रोज़ 200 किग्रा बेचना शुरू किया
- केन्द्र सरकार ने OBC क्रीमी लेयर नियम लागू करने के लिए दो साल की राहत की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों में 12 जजों को स्थायी पद दिलवाया
- शरई अदालत में बढ़ते तलाक‑नफका के केस, हर महीने 30 मामले, काउंसलिंग से समाधान
- LiveLaw ने लॉन्च किया ‘ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट’ – न्यायिक अपडेट अब तुरंत

