बलिया में 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत: समय और पैसे की बचत के साथ मामलों का निस्तारण
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेश पर बलिया में विशेष लोक अदालत होगी, जिसका उद्देश्य परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत लंबित मामलों का निस्तारण करना है। पक्षकारों को आपसी सहमति से अपने मामलों का शांतिपूर्ण निस्तारण कराने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Ballia
- Ballia Special Lok Adalat | NI Act Section 138 Case Settlement Update
बलिया में 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत:सुलह-समझौते कराया जाएगा मामलों का निस्तारण
- कॉपी लिंक
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर बलिया में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत दीवानी न्यायालय परिसर में आगामी 18 जुलाई को लगेगी। इसका उद्देश्य परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा-138 के तहत लंबित मामलों का निस्तारण करना है। यह आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के अध्यक्ष अनिल कुमार झा के आदेशानुसार हो रहा है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एवं अपर जनपद न्यायाधीश हरीश कुमार ने आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि धारा-138 एनआई एक्ट से संबंधित लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में प्रस्तुत कर आपसी सुलह-समझौते से उनका निस्तारण कराया जा सकता है।
हरीश कुमार ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का समाधान त्वरित, सरल और कम खर्च में संभव है। इससे पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने और आपसी सहमति से अपने मामलों का शांतिपूर्ण निस्तारण कराने का आग्रह किया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली उच्च न्यायालय सहित पांच स्थानों को हिंसक हमले की धमकी

चेहरे की पहचान को चुनौती देने वाले विरोध प्रदर्शन: भारत का सर्वोच्च न्यायालय सुनेगा मामला

गवर्नर हाउस घेराव के एलान पर हाईकोर्ट का कड़वा जवाब, शांति बनाए रखने का निर्देश

वार्निंग लेबल लागू करने में देरी को लेकर अदालत ने एफएसएसएआई को फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने कोरियन रैना जैसे 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज मामले रद्द कर दिए

कर विभाग को झटका: ट्रिब्यूनल ने कर विभाग की अपील खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश का शीर्ष अदालत में हलफनामा: ट्रिब्यूनल की गतिविधियों पर हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करना है

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल बैंक खातों से प्रतिबंध में नहीं किया हस्तक्षेप
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, सरकारी नौकरी देने के मामले में
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक
- कर्नाटक के नए कानून से RSS पर क्या मकसद?
- सुप्रीम कोर्ट की फटकार: पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी क्यों नहीं?
- पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर चआदि।ावनी संबंधी कोर्ट का एफ. एस. एस. ए. आई. को आदेश
- भारत को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा देगी पर्यावरणीय मुआवजा व्यवस्था
- राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट के लाइव स्ट्रीमिंग को दुरुपयोग के शक में, सीजेआई ने चिंता व्यक्त की

