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अपराध

दिल्ली हाई कोर्ट ने मकोका मामले में पूर्व आप विधायक नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया

Live Law के अनुसार · 24x7 NYAYA
दिल्ली हाई कोर्ट ने मकोका मामले में पूर्व आप विधायक नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को कथित संगठित अपराध से संबंधित कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के तहत उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अपराध

महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा कानून: बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने याचिका से खुद को अलग किया

महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा कानून: बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने याचिका से खुद को अलग किया

बॉम्बे हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश ने महाराष्ट्र सार्वजनिक सुरक्षा कानून को चुनौती देने वाली याचिका से खुद को अलग कर लिया, जो राज्य को कुछ संगठनों को गैरकानूनी घोषित करने की शक्ति देता है। कांग्रेस और सीपीआई ने तर्क दिया है कि यह कानून वैध असहमति को रोक सकता है और इसके प्रावधान मनमाने हो सकते हैं।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

फैसले

सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत में 1800 से अधिक मामलों का तेजी से निपटारा

सुपौल में 12 सितंबर को लोक अदालत में 1800 से अधिक मामलों का निपटारा के लिए तैयारियां जोरो पर हैं। अधिकारियों ने कहा है कि नोटिस जल्द से जल्द भेजे जाएंगे और पक्षकारों को सहमति से मामले का निपटारा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

वकील

बलरामपुर में अदालत की पेशकार की मौत का मामला

बलरामपुर में एक अदालत की पेशकार की मौत हो गई। उनका शव एक कमरे में मिला, जहां वो अचेत अवस्था में थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

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