न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

सुप्रीम कोर्ट ने 'निर्णय और लिंग - निर्णय लिखने में संवेदनशीलता और करुणा' शीर्षक से एक व्यापक पुस्तिका जारी की है, जिसमें अदालतों को निर्णयों में संवेदनशीलता और करुणा का पालन करने का निर्देश दिया गया है. यह प्रयास विशेष रूप से यौन अपराधों और महिलाओं, बच्चों से जुड़े मामलों में असंवेदनशील भाषा के उपयोग की समस्या को संबोधित करने के लिए किया गया है.
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

