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अपराध

आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर बर्खास्तगी हर मामले में नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने लगाए नियम

Jagran के अनुसार · 24x7 NYAYA
आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर बर्खास्तगी हर मामले में नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने लगाए नियम
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नौकरी के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर कर्मचारी की बर्खास्तगी स्वतः नहीं होगी। नियोक्ता को मामले की गंभीरता, परिस्थितियों और कर्मचारी की जिम्मेदारी को देखते हुए फैसला लेना होगा। शत्रुघ्न यादव को नौकरी बहाल कर 50% बकाया वेतन मिलेगा।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

वकील

फर्जी वकील की हो सीबीआई जांच, न्यायाधीशों का कर पेमेंट का विवाद

फर्जी वकील की हो सीबीआई जांच, न्यायाधीशों का कर पेमेंट का विवाद

भारत में कई फर्जी वकीलों के मामले सामने आने से न्यायिक तंत्र में अस्थिरता आ गई है। सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। सीबीआई जांच शुरू हो सकती है और न्यायाधीशों को उचित भुगतान किया जाएगा।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

वकील

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के लिए तेज निपटान का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के लिए तेज निपटान का आदेश दिया और चुनाव आयोग से उनके निपटान दरों का विवरण मांगा है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

वकील

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ओसीआई कार्डधारक को भारत आने की अनुमति देने से इनकार किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित भारत विरोधी गतिविधियों के कारण काली सूची में डाले जाने का सामना कर रहे 81 वर्षीय ओसीआई कार्डधारक को पारिवारिक विवाह उत्सव में शामिल होने के लिए भारत आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि ओसीआई कार्डधारक ने अपने पक्ष में मजबूत प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने में विफल रहा।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

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