उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत कर्मचारियों के पुत्रों को नौकरी देने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश सरकार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ग्रामीण इंजीनियरिंग विभाग के काम-प्रभारित कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने कहा कि नियमितीकरण का अधिकार एक बार प्राप्त होने के बाद केवल इसलिए गायब नहीं हो जाता कि प्रक्रिया पूरी होने से पहले कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

