स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को विधिक तरीके से लेनी होगी शपथ

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को कानून के अनुसार ही शपथ लेनी होगी। अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के भाजपा पार्षदों द्वारा देवी-देवताओं के नाम पर ली गई शपथ को अमान्य करार दिया। अदालत ने निर्धारित शपथ प्रारूप में बदलाव को अस्वीकार किया और नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता की पहचान दी।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।
कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

