सजा, तय करते समय कानून का कैसे पालन करना है: सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी दोषी के खिलाफ लंबे समय तक समान प्रकार की किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं मिलता, तो यह सजा तय करते समय एक महत्वपूर्ण विचारणीय पहलू हो सकता है।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

