मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले में गिरिबाला सिंह को जमानत देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी बहू त्विशा शर्मा की दहेज हत्या के मामले में आरोपी, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जमानत देने से इनकार किया। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने कहा: "मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों, मृतका की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विशेष रूप से इस तथ्य को देखते हुए कि BNSS की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच अभी चल रही है और महत्वपूर्ण फोरेंसिक रिपोर्ट तथा डिजिटल एक्सट्रैक्शन रिपोर्ट का इंतजार है, यह कोर्ट इस स्तर

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
स्रोत संक्षेप
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी बहू त्विशा शर्मा की दहेज हत्या के मामले में आरोपी, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जमानत देने से इनकार किया। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने कहा: "मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों, मृतका की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विशेष रूप से इस तथ्य को देखते हुए कि BNSS की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच अभी चल रही है और महत्वपूर्ण फोरेंसिक रिपोर्ट तथा डिजिटल एक्सट्रैक्शन रिपोर्ट का इंतजार है, यह कोर्ट इस स्तर
यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
BJP के प्रदर्शन में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' नारा लगने की संभावना कम: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केस रद्द किया

सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार

'पर्सनैलिटी राइट्स' कोई एक 'कॉज़ ऑफ़ एक्शन' नहीं, किसी की पहचान का इस्तेमाल करना मात्र ही गैर-कानूनी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

वकीलों ने रोकी कोर्टरूम एंट्री, किया शोर-शराबा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाही में बाधा डालने पर जताई कड़ी आपत्ति

मंदिर की जमीन पर बिना अनुमति स्थापित पेरियार की प्रतिमा हटाने का मद्रास हाईकोर्ट का आदेश, चार सप्ताह में दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्देश

वकील की लापरवाही का खामियाजा मुवक्किल नहीं भुगत सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एकतरफा कार्यवाही रद्द की

ट्रांसफर हुए हाईकोर्ट जज अपने मूल हाईकोर्ट से रिटायरमेंट लाभ ले सकते हैं: उड़ीसा हाईकोर्ट

वकीलों पर हमले और हत्या की घटनाओं पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनाने पर विचार करने को कहा
ताज़ा ख़बरें
- दूसरे हाईकोर्ट से रिटायर होने पर मूल राज्य में रिटायरमेंट सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
- विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश का कानूनी अधिकार नहीं, वीजा जारी करना सरकार का संप्रभु अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट
- घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मेंटेनेंस में बदलाव की अर्जी पर सुनवाई का अधिकार फैमिली कोर्ट को नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
- आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक स्मारक विद्याधर का बाग में पार्टियों, शादियों और रेस्टोरेंट पर पूर्ण प्रतिबंध: राजस्थान हाईकोर्ट
- कक्षा 10वीं के खराब नतीजों के आधार पर शिक्षक को दंडित नहीं कर सकते, जब तक कदाचार साबित न हो: राजस्थान हाईकोर्ट
- माता-पिता दोनों का प्यार बच्चे का बुनियादी अधिकार': झारखंड हाईकोर्ट ने पिता के मुलाकात का अधिकार बरकरार रखा, मां की कस्टडी में दखल से इनकार
- क्या पैरोल से सजा अस्थायी रूप से निलंबित हो जाती है? राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम कानूनी सवाल बड़ी बेंच को भेजे
- सुप्रीम कोर्ट ने CEC को आजीवन प्रतिरक्षा को चुनौती देने वाली मनोज झा की याचिका पर नोटिस जारी किया, कहा- कोई और याचिका दायर न की जाए

