होमसंविधानभारत में अमेरिकी नियमों का पालन नहीं, मेटा को दी सरकार की दो-टूक
संविधान

भारत में अमेरिकी नियमों का पालन नहीं, मेटा को दी सरकार की दो-टूक

केंद्र सरकार ने मेटा और अन्य टेक कंपनियों को स्पष्ट किया है कि भारत में अमेरिकी कानूनों के अनुसार नहीं चला जा सकता। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय समाज और कानूनों के प्रति जवाबदेही बनानी होगी।

6 अगस्त 2026 को 04:15 pm बजे
भारत में अमेरिकी नियमों का पालन नहीं, मेटा को दी सरकार की दो-टूक

सौजन्य से:- Aaj Tak News

Sign In

Advertisement

X

भारत सरकार ने मेटा और बाकी टेक कंपनियों को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है. केंद्र सरकार ने Meta को साफ शब्दों में कहा है कि भारत में कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म अमेरिकी कानूनों के हिसाब से नहीं चलाया जा सकता.

सरकार का मानना है कि बाकी सभी संस्थाओं की तरह इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी भारतीय समाज और यहां के कानूनों के प्रति पूरी जवाबदेही बनती है.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि ये पूरी तरह से तकनीकी मामला है और इसके हर पहलू को गहराई से समझना जरूरी है. मेटा और सरकार के अधिकारियों के बीच हुई बैठकों में टेक्निकल डिटेल्स और डेटा लॉग्स पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा बनाए रखने पर जोर

सूत्रों ने बताया कि संविधान का आर्टिकल 19 अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन साथ ही ये तर्कसंगत पाबंदियों का भी प्रावधान करता है. इसी तरह रोजगार से जुड़े अधिकारों पर भी नियम लागू होते हैं. भारत सरकार का मानना है कि समाज विश्वास पर चलता है, इसलिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को इस भरोसे को हर हाल में बनाए रखना होगा.

Advertisement

बैठक के दौरान सरकार ने इंटरनेट पर डीपफेक कंटेंट की क्वालिटी में आए सुधार पर भी गंभीर चिंता जताई. सरकार ने बताया कि मेटा के अलावा 'एक्स' और टेलीग्राम जैसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ भी इन मामलों को लेकर लगातार बातचीत चल रही है.

वहीं, दूसरी तरफ मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने अपने प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटीरियल (CSAM), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म रेगुलेशन में हुई गड़बड़ियों को लेकर माफी मांगी है. मेटा ने माना है कि उसके प्लेटफॉर्म पर कई अवैध कंटेंट को बढ़ावा दिया गया था और एक खास कम्युनिटी तक पहुंच बनाने के लिए पैसे लेकर कंटेंट को बूस्ट किया है.

यह भी पढ़ें: डीपफेक कंटेंट को लेकर मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी

मेटा को 'सेफ हार्बर' का फायदा नहीं मिलेगा

इसके साथ ही अधिकारियों ने मेटा को साफ कर दिया है कि वो अब सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट के तहत 'इंटरमीडियरी' के दायरे में नहीं आते, क्योंकि वो खुद तय करते हैं कि कंटेंट किसे दिखेगा. इसलिए उन्हें IT एक्ट के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी 'सेफ हार्बर' का फायदा नहीं दिया जा सकता.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
न्यायपालिका की विस्तार योजना के पीछे उठते बड़े सवाल
संविधान

न्यायपालिका की विस्तार योजना के पीछे उठते बड़े सवाल

डिजिटल परिवर्तन के अनुकूल प्रकाशन कानून के संशोधन के लिए सुझाव दिए गए
संविधान

डिजिटल परिवर्तन के अनुकूल प्रकाशन कानून के संशोधन के लिए सुझाव दिए गए

वियतनाम में खाद्य सुरक्षा कानून के मसौदे में संशोधन और परिष्करण
संविधान

वियतनाम में खाद्य सुरक्षा कानून के मसौदे में संशोधन और परिष्करण

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का विधेयक पारित
संविधान

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का विधेयक पारित

अनुच्छेद 32: संविधान की आत्मा और हृदय
संविधान

अनुच्छेद 32: संविधान की आत्मा और हृदय

राष्ट्रीय सभा ने पांच नए कानून पारित किए
संविधान

राष्ट्रीय सभा ने पांच नए कानून पारित किए

जमीनी स्तर पर मध्यस्थता संबंधी कानून में मुख्य बदलाव: महिलाओं और कमजोर समूहों के संरक्षण को दें और विलय के बाद मध्यस्थता टीमों के गठन को सुनिश्चित करें
संविधान

जमीनी स्तर पर मध्यस्थता संबंधी कानून में मुख्य बदलाव: महिलाओं और कमजोर समूहों के संरक्षण को दें और विलय के बाद मध्यस्थता टीमों के गठन को सुनिश्चित करें

विकास के लिए देश की आवश्यकताएं: मंत्रालय डाक और माप कानून को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है
संविधान

विकास के लिए देश की आवश्यकताएं: मंत्रालय डाक और माप कानून को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है

ताज़ा ख़बरें