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भूपेंद्र हुड्डा का भाजपा सरकार पर हमला: 'हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, खिलाड़ियों को सम्मान दो'

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल में भाजपा सरकार पर हमला किया है. उन्होंने कानून-व्यवस्था, खेल नीति, कर्मचारी हड़ताल, निवेश और छात्र आंदोलनों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में अपराध बढ़ रहा है और नागरिक खुद को भयभीत महसूस कर रहा है. उन्होंने सिफारिश की कि सरकार कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी के लिए हरियाणा को चुने, क्योंकि राज्य के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है.

7 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
भूपेंद्र हुड्डा का भाजपा सरकार पर हमला: 'हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, खिलाड़ियों को सम्मान दो'

सौजन्य से:- ETV Bharat

करनाल में भूपेंद्र हुड्डा का सरकार पर हमला, बोले- "हरियाणा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, कॉमनवेल्थ की मेजबानी राज्य को मिले"

करनाल में भूपेंद्र हुड्डा ने कानून-व्यवस्था, खेल नीति, कर्मचारी हड़ताल, निवेश और छात्र आंदोलनों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला.

Published : August 7, 2026 at 5:22 PM IST

करनाल: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कानून-व्यवस्था, खेल नीति, कर्मचारियों की हड़ताल, निवेश, छात्र आंदोलनों और सरकार के कामकाज को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए. हुड्डा ने कहा कि, "प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहा है और हत्या जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं. हरियाणा में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है."

हरियाणा को बताया असुरक्षित राज्य: हुड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सोशल इंडेक्स रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि , "हरियाणा की कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है. प्रदेश को देश के असुरक्षित राज्यों में गिना जा रहा है. आम नागरिक खुद को भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है. किसी भी राज्य के विकास के लिए सबसे पहली जरूरत मजबूत कानून-व्यवस्था है. जब नागरिक सुरक्षित नहीं होगा तो विकास की गति भी प्रभावित होगी."

गुजरात की जगह हरियाणा में हों कॉमनवेल्थ खेल: हरियाणा के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए हुड्डा ने वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी हरियाणा को देने की मांग की. उन्होंने कहा कि, "देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. देश के लिए सबसे ज्यादा मेडल हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं, इसलिए गुजरात के स्थान पर कॉमनवेल्थ खेल हरियाणा में होने चाहिए."

"खिलाड़ी किसी जाति का नहीं, देश का होता है": खेल नीति को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की टिप्पणी पर हुड्डा ने कहा कि, " खिलाड़ियों को जाति के आधार पर देखना गलत है. खिलाड़ी किसी जाति का नहीं होता, वह देश का होता है और देश की शोभा बढ़ाता है. खिलाड़ियों की उपलब्धियों को राजनीति या जातीय नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए."

"पदक लाओ, पद पाओ" नीति का किया बचाव: हुड्डा ने कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई "पदक लाओ, पद पाओ" नीति का बचाव करते हुए कहा कि, "इस योजना ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया. कांग्रेस सरकार के दौरान क्रिकेट खिलाड़ी जोगिंदर शर्मा को डीएसपी बनाया गया था. इसके बाद पहलवान योगेश्वर दत्त सहित करीब 17 खिलाड़ियों को डीएसपी के पद दिए गए. खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी मिलने से उनमें देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह बढ़ा."

गांवों से तैयार हुई हरियाणा की खेल ताकत: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, "हरियाणा की खेल प्रतिभा केवल बड़े शहरों से नहीं निकलती, बल्कि गांवों और ब्लॉक स्तर से खिलाड़ी तैयार होते हैं. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गांवों और ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनाए गए तथा खिलाड़ियों को सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया गया. भाजपा सरकार को खेल नीति की जानकारी नहीं है. उसे यह पता ही नहीं कि हरियाणा के खिलाड़ी किस तरह तैयार हुए हैं."

कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार को घेरा: नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलनों पर भी हुड्डा ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि, "कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है. कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए. कांग्रेस के शासनकाल में हरियाणा प्रति व्यक्ति निवेश के मामले में देश में अग्रणी राज्यों में था. अब प्रदेश की स्थिति खराब हुई है और हरियाणा पहले 18 राज्यों की सूची में 14वें स्थान तक पहुंच गया है. सरकार के अपने आंकड़े ही प्रदेश की बदलती स्थिति की तस्वीर सामने रख रहे हैं."

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर साधा निशाना: नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, "नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को आंदोलन शुरू होने से पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था. अगर सरकार समय रहते कदम उठाती तो छात्रों को सड़कों पर उतरने और लाठीचार्ज की नौबत नहीं आती." देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए हुड्डा ने सरकार को बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि, "सरकार को अपनी तानाशाही छोड़कर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए. किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकल सकता है और संवाद हमेशा समाधान का रास्ता खोलता है."

कुलदीप शर्मा को बताया अजीज: कांग्रेस में आपसी मतभेद और कुलदीप शर्मा के उस बयान पर कि, "यदि हुड्डा पहले सभी को साथ लेकर चलते तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होती. वह सभी को साथ लेकर चल रहे हैं. कुलदीप मेरा अजीज है. वह मेरी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. कांग्रेस नेताओं का उद्देश्य मिलकर जनता के मुद्दे उठाना है."

ये भी पढ़ें: हरियाणा सरकार की 'फ्री होल्ड पॉलिसी' पर विवाद, अनिल विज बोले- मैंने रुकवाया प्रस्ताव, जनता के साथ, लड़ने के लिए तैयार

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