होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने कन्नौज में नवाब सिंह यादव के दुष्कर्म मामले में डॉक्टर को धमकी देने के आरोप पर हाईकोर्ट के निर्णय को स्वीकार किया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कन्नौज में नवाब सिंह यादव के दुष्कर्म मामले में डॉक्टर को धमकी देने के आरोप पर हाईकोर्ट के निर्णय को स्वीकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने सीजेएम कन्नौज के पिछले आदेश को निरस्त कर हाईकोर्ट के फैसले को मान्य किया और सीजेएम को मामले को पुनः विचार करने का निर्देश दिया। यह निर्णय नवाब सिंह यादव द्वारा महिला डॉक्टर डॉ. स्वास्तिका शालिनी को गवाही के बाद धमकी देने के आरोप से जुड़ा है। इससे पहले भी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

19 सितंबर 2026 को 06:04 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने कन्नौज में नवाब सिंह यादव के दुष्कर्म मामले में डॉक्टर को धमकी देने के आरोप पर हाईकोर्ट के निर्णय को स्वीकार किया

सौजन्य से:- amarujala.com

कन्नौज: नवाब सिंह को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका, डॉक्टर को धमकी मामले में हाईकोर्ट का फैसला सही, पढ़ें पूरा मामला

Kannauj News: नवाब सिंह यादव दुष्कर्म प्रकरण में गवाह महिला डॉक्टर को धमकी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने सीजेएम कन्नौज के आदेश को निरस्त कर हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है और सीजेएम को मामले में नए सिरे से आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।

विस्तार

कन्नौज जिले में चर्चित नवाब सिंह यादव पॉक्सो एवं दुष्कर्म प्रकरण की गवाह महिला चिकित्सक को धमकी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए सीजेएम कन्नौज के आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने एक जुलाई को हाईकोर्ट के आदेश को सही माना है और सीजेएम को इस मामले पर पुनर्विचार करने के आदेश दिए हैं।

किशोरी दुष्कर्म कांड के आरोपी नवाब सिंह यादव को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। शुक्रवार को दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में नवाब सिंह यादव की तरफ से दायर की गई याचिका पर गहन सुनवाई हुई।

हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया

कोर्ट नंबर दो में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए मामला दोबारा सीजेएम न्यायालय को भेज दिया। सीजेएम ने 20 सितंबर 2025 को पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को कानून के अनुरूप नहीं माना और नए सिरे से आदेश पारित करने के निर्देश दिए और एक जुलाई को हुए हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया।

गवाही देने के बाद डॉक्टर को धमकी का था आरोप

मामला तिर्वा क्षेत्र की नाबालिग किशोरी से जुड़ा है। आरोप है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव  ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जिला अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. स्वास्तिका शालिनी ने चिकित्सा संबंधी साक्ष्य प्रस्तुत किए। आरोप है कि गवाही के बाद उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने अलग प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। इसी को नवाब सिंह यादव ने हाईकोर्ट और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने फिर सुनवाई के दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीजेएम कन्नौज ने उपलब्ध सामग्री और साक्ष्यों का विस्तृत मूल्यांकन कर संज्ञान के चरण की सीमा से आगे जाकर आदेश पारित किया। अब पुलिस रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों को कानून के अनुरूप देखते हुए सीजेएम को मामले में नए सिरे से आदेश पारित करना होगा। पुलिस कर्मियों को दोबारा प्रशिक्षण पर भेजने का आदेश न्याय संगत नहीं है। सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और यशार्थ कांत ने पैरवी की थी और सदर कोतवाल जितेंद प्रताप सिंह भी सुप्रीम कोर्ट में पुलिस की तरफ से पेश हुए।

यह है पूरा मामला

पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव को पुलिस ने 11 अगस्त 2024 की रात को किशोरी से दुष्कर्म के आरोप ने उसके चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज से गिरफ्तार किया था। किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिक की दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। जब किशोरी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया तो नवाब सिंह और उसके गुर्गो ने परीक्षण करने वाली डॉक्टर स्वस्तिका शालिनी को धमकाया था।

मुकदमे को सीजेएम ने भी गलत बताया था

इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी की दर्ज की थी। पुलिस ने इसी मुकदमे को आधार बनाकर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। नवाब सिंह यादव ने इस कार्रवाई को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस मुकदमे को सीजेएम ने भी गलत बताया था और दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों तथा विवेचना करने वाले अधिकारियों को दोबारा प्रशिक्षण पर भेजने के निर्देश दिए थे। नवाब सिंह इस समय बांदा जेल और उसका भाई नीलू कौशांबी जेल में बंद है।

नवाब सिंह यादव ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है और डॉक्टर को धमकाने तथा गैंगस्टर के मुकदमे को सही करार दिया है। -विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
SC ने POCSO के तहत आरोपी को बरी किया, अभियोजन के दावों को अटल सत्य नहीं माना जा सकता
अपराध

SC ने POCSO के तहत आरोपी को बरी किया, अभियोजन के दावों को अटल सत्य नहीं माना जा सकता

रूसी नाविकों की घर वापसी के लिए भारत ने उठाए कदम, टैंकर ‘MT यूनिटी’ पर कानूनी जटिलताएँ जारी
अपराध

रूसी नाविकों की घर वापसी के लिए भारत ने उठाए कदम, टैंकर ‘MT यूनिटी’ पर कानूनी जटिलताएँ जारी

समान काम नहीं, सभी मानदंड बराबर होने पर ही मिलेगी समान वेतन: सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अपराध

समान काम नहीं, सभी मानदंड बराबर होने पर ही मिलेगी समान वेतन: सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी के पाँच प्रमुख नुकसानों को उजागर किया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी के पाँच प्रमुख नुकसानों को उजागर किया

सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरिंदर कोली की अचानक मौत, पुलिस ने बताया मामले की स्थिति
अपराध

सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरिंदर कोली की अचानक मौत, पुलिस ने बताया मामले की स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO में ‘गिल्ट की वैधानिक धारणा’ को सीमित कर अभियोजन की कहानी को स्वीकृति नहीं दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO में ‘गिल्ट की वैधानिक धारणा’ को सीमित कर अभियोजन की कहानी को स्वीकृति नहीं दी

निठारी केस के बरी हुए सुरिंदर कोली की मृत्यु, पुलिस ने दिया बयान
अपराध

निठारी केस के बरी हुए सुरिंदर कोली की मृत्यु, पुलिस ने दिया बयान

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 8 राहत शिविरों में 640 मौतों पर सरकार को की फटकार, 25 नई मौतों की रिपोर्ट माँगी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के 8 राहत शिविरों में 640 मौतों पर सरकार को की फटकार, 25 नई मौतों की रिपोर्ट माँगी

ताज़ा ख़बरें