होमकानूनराष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण
कानून

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को होगा। सफल आयोजन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की गई। जिला जज अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी अधि…

17 अगस्त 2026 को 08:55 pm बजे
राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण

सौजन्य से:- Hindustan

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को होगा। सफल आयोजन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की गई। जिला जज अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस अवसर पर अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण किया जाए। सभी बैंक अधिकारियों से भी लोन रिकवरी मामलों को लोक अदालत में लाने का निर्देश दिया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को किया जाएगा। जिसको सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों एवं समस्त प्रशासनिक अधिकारियोंव समस्त बैंक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने सोमवार को जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह प्रथम की अध्यक्षता में समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं समस्त प्रशासनिक अधिकारियों व समस्त बैंक अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन अपर जिला जज व राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अवनीश कुमार राय, की देखरेख में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डा. ब्रह्मपाल सिंह के द्वारा किया गया।

बैठक में अपर जिला जज अवनीश कुमार राय द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारियों को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए चिन्हित वादों में राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व अधिक से अधिक वादों मे नोटिस व सम्मन जारी करने के लिए निर्देश दिए। सभी प्रशासनिक अधिकारियों को लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु ज्यादा से ज्यादा मामलों को चिन्हित कर निस्तारित किये जाने के लिए निर्देश दिए। लीड बैंक के मैनेजर आशीष सक्सैनाको जनपद के सभी बैंकों द्वारा लोन रिकवरी से संबंधित मामलों को लोक अदालत में निस्तारण किये जाने हेतु निर्देश दिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर रेनू सिंह , जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अनवर शेख, सीओ दीपक चतुर्वेदी समेत अनेक आधिकारी मौजूद थे।

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
माप संबंधी कानून में संशोधन: कई नए बिंदु, जो 3 मुख्य नीतिगत स्तंभों पर केंद्रित हैं।
कानून

माप संबंधी कानून में संशोधन: कई नए बिंदु, जो 3 मुख्य नीतिगत स्तंभों पर केंद्रित हैं।

Kangra News: एससी-एसटी विकास निधि कानून के लिए कल प्रदेशभर में होंगे प्रदर्शन
कानून

Kangra News: एससी-एसटी विकास निधि कानून के लिए कल प्रदेशभर में होंगे प्रदर्शन

12 सितंबर को लगेगी व्यवहार न्यायालय हाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत - Hajipur (Vaishali) News
कानून

12 सितंबर को लगेगी व्यवहार न्यायालय हाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत - Hajipur (Vaishali) News

12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
कानून

12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

लोक अदालत में निपटाए जाएंगे यातायात चालान व खनिज मामले
कानून

लोक अदालत में निपटाए जाएंगे यातायात चालान व खनिज मामले

लोक अदालत में वाद निपटाएं बैंकर्स
कानून

लोक अदालत में वाद निपटाएं बैंकर्स

दिल्ली ट्रिब्यूनल ने दुर्घटना में मारे गए 13 वर्षीय बच्चे के परिवार को 35.88 लाख रुपये का मुआवजा दिया
कानून

दिल्ली ट्रिब्यूनल ने दुर्घटना में मारे गए 13 वर्षीय बच्चे के परिवार को 35.88 लाख रुपये का मुआवजा दिया

22K views · 508 reactions | कांग्रेस ने वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाने का फ़ैसला किया, इससे जुड़े नियम क्या कहते हैं और क्या है सज़ा का प्रावधान?

वीडियोः नवीन नेगी और आमरा आमिर | BBC News हिन्दी
कानून

22K views · 508 reactions | कांग्रेस ने वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाने का फ़ैसला किया, इससे जुड़े नियम क्या कहते हैं और क्या है सज़ा का प्रावधान? वीडियोः नवीन नेगी और आमरा आमिर | BBC News हिन्दी

ताज़ा ख़बरें