दिल्ली की अदालत ने साइबर ठगी के आरोपी को दुबई यात्रा की मंजूरी दी
राउज एवेन्यू अदालत ने साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी को दुबई जाने की अनुमति दी है, साथ ही कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार मौलिक है और इसे केवल आशंकाओं के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Delhi NCR News: राउज एवेन्यू अदालत ने साइबर ठगी आरोपी को दुबई जाने की अनुमति दी
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- निचली अदालत का आदेश रद्द, सख्त शर्तों के साथ सात दिन की विदेश यात्रा मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी राजीव बुधिराजा को दुबई जाने की अनुमति देने से इनकार करने वाले निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) ज्योति क्लेर ने कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी आरोपी का विदेश में कारोबार है, उसे फ्लाइट रिस्क नहीं माना जा सकता।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मौलिक अधिकार है और इसे केवल आशंकाओं के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने राजीव को सात दिन के लिए दुबई जाने की अनुमति देते हुए कई सख्त शर्तें लगाई हैं। अदालत ने कहा कि अपराध से जुड़े बिटकॉइन पहले ही प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किए जा चुके हैं और डिजिटल साक्ष्य सीबीआई के कब्जे में हैं। इसलिए केवल आशंकाओं के आधार पर विदेश यात्रा के अधिकार पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
हालांकि, जांच एजेंसी की आशंकाओं को देखते हुए अनुमति सख्त शर्तों के साथ दी गई है। आदेश के अनुसार, राजीव को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती के साथ यात्रा का पूरा कार्यक्रम अदालत में देना होगा। उन्हें पांच लाख रुपये की एफडीआर जमा करनी होगी, पत्नी और मां के पासपोर्ट अदालत में जमा कराने होंगे तथा भारत लौटने के दो दिन के भीतर अदालत को इसकी सूचना देनी होगी। साथ ही, किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त का भी पालन करना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी राजीव बुधिराजा को दुबई जाने की अनुमति देने से इनकार करने वाले निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) ज्योति क्लेर ने कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी आरोपी का विदेश में कारोबार है, उसे फ्लाइट रिस्क नहीं माना जा सकता।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मौलिक अधिकार है और इसे केवल आशंकाओं के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने राजीव को सात दिन के लिए दुबई जाने की अनुमति देते हुए कई सख्त शर्तें लगाई हैं। अदालत ने कहा कि अपराध से जुड़े बिटकॉइन पहले ही प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किए जा चुके हैं और डिजिटल साक्ष्य सीबीआई के कब्जे में हैं। इसलिए केवल आशंकाओं के आधार पर विदेश यात्रा के अधिकार पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
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हालांकि, जांच एजेंसी की आशंकाओं को देखते हुए अनुमति सख्त शर्तों के साथ दी गई है। आदेश के अनुसार, राजीव को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती के साथ यात्रा का पूरा कार्यक्रम अदालत में देना होगा। उन्हें पांच लाख रुपये की एफडीआर जमा करनी होगी, पत्नी और मां के पासपोर्ट अदालत में जमा कराने होंगे तथा भारत लौटने के दो दिन के भीतर अदालत को इसकी सूचना देनी होगी। साथ ही, किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने और गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त का भी पालन करना होगा।
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