होम›हाई कोर्ट›अधिग्रहित जमीन पर 65 साल तक कब्जा बनाए रखने वाले याचिकाकर्ताओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना, तथ्य छिपाकर हासिल कराई थी मुक्ति
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अधिग्रहित जमीन पर 65 साल तक कब्जा बनाए रखने वाले याचिकाकर्ताओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना, तथ्य छिपाकर हासिल कराई थी मुक्ति

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिग्रहित जमीन को मुक्त कराने के लिए महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने वाले दो याचिकाकर्ताओं पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने यह तथ्य छिपाया था कि उनके पूर्वजों ने जमीन का अधिग्रहण शुरू होने के बाद उसे खरीदा था। इसके अलावा, अधिग्रहण को चुनौती देने वाले दीवानी मुकदमे, पहली अपील और दूसरी अपील की जानकारी भी अदालत से छिपाई गई। जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 48 के तहत कानपुर शहरी क्षेत्र विकास अधिनियम, 1945 के

30 अक्टूबर 2026 को 07:09 am बजे
अधिग्रहित जमीन पर 65 साल तक कब्जा बनाए रखने वाले याचिकाकर्ताओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना, तथ्य छिपाकर हासिल कराई थी मुक्ति

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिग्रहित जमीन को मुक्त कराने के लिए महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने वाले दो याचिकाकर्ताओं पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने यह तथ्य छिपाया था कि उनके पूर्वजों ने जमीन का अधिग्रहण शुरू होने के बाद उसे खरीदा था। इसके अलावा, अधिग्रहण को चुनौती देने वाले दीवानी मुकदमे, पहली अपील और दूसरी अपील की जानकारी भी अदालत से छिपाई गई। जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 48 के तहत कानपुर शहरी क्षेत्र विकास अधिनियम, 1945 के

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लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

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