राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ा मोड़, 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई को अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी एसआईटी, ट्रस्ट में CEO पद के लिए मिले 1900 आवेदन, जांच अभी पूरी नहीं हुई है

सौजन्य से:- ETV Bharat
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई को अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी SIT, ट्रस्ट में CEO पद के लिए मिले 1900 आवेदन!
राम मंदिर ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 18, 2026 at 7:06 AM IST
|Updated : July 18, 2026 at 8:50 AM IST
अयोध्या: राम मंदिर चंदा चोरी गबन मामले में बड़ा मोड़ आया है. चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोमवार यानी 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है. इसके अलावा जांच के लिए योगी सरकार से और समय की मांग की गई है. इन सबके बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज कर दिया है.
सीईओ के लिए 1900 आवेदन: . राम मंदिर ट्रस्ट ने आवेदकों के कागजातों के परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है. अंतिम आवेदन जमा करने की तिथि आज तक निर्धारित है. सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 1900 आवेदन आ चुके हैं. अब इसकी छटनी सचिव स्तर के अधिकारी की देखरेख में हो रही है. प्रारंभिक जांच के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए बुलाया जाएगा.
सोमवार पर टिकी नजरें: 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी अंतरिम रिपोर्ट में अब तक की जांच की प्रगति और जुटाए गए सबूतों और प्रमाणों का ब्योरा दे सकती है. माना जा रहा है कि यह वहीं रिपोर्ट है, जिसके आधार पर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने थाना राम जन्मभूमि में आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.
जांच अभी पूरी नहीं हुई है!: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था. इसमें प्राथमिक जांच के लिए सात दिन और अंतिम रिपोर्ट के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. हालांकि बाद में एक जुलाई को इसका कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था. इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. जिस पर कोर्ट ने एसआईटी से जांच का स्टेटस मांगा था. इसके लिए 20 जुलाई तक का समय दिया गया था. सूत्रों के अनुसार एसआईटी की जांच अभी पूरी नहीं हुई है.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिकाओं पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. साथ ही एसआईटी को जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया था. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की थी. इसके लिए 20 जुलाई तक का समय तय किया था.
ट्रस्ट की आगामी बैठक पर सस्पेंस: 6 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई थी. जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्र का इस्तीफा स्वीकार किया गया था. इसके बाद अगली बैठक के लिए 22 जुलाई का समय निर्धारित किया गया था. इसमें नए सदस्यों के मनोनयन के साथ एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर भी चर्चा होनी है. माना जा रहा था कि रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के प्रबंधन, दान की गणना और चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र में बड़े सुधारों पर फैसला ले सकता है. अब एसआईटी द्वारा अतिरिक्त समय मांगने के बाद 22 जुलाई को होने वाली बैठक होगी कि नहीं, इस पर संशय के बादल छा गए हैं.
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