पूर्णिया में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: अधिक सुलहनीय मामलों के त्वरित निपटारे पर बल
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर को पूर्णिया, बनमनखी, धमदाहा और बायसी व्यवहार न्यायालयों में शुरू होगी। CJM कार्यालय में आयोजित बैठक में न्यायिक पदाधिकारियों को अधिक सुलहनीय मामलों की पहचान कर पक्षकारों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि लोक अदालत में तेज़ी से निपटारा हो सके।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पूर्णिया में 12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत:अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन पर जोर, CJM ऑफिस में तैयारी पर हुई चर्चा
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को पूर्णिया, बनमनखी, धमदाहा और बायसी व्यवहार न्यायालयों में किया जाएगा।
लोक अदालत की कार्यवाही सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्णिया ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
न्यायिक पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक
इसी सिलसिले में 27 अगस्त को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM), पूर्णिया के कार्यालय प्रकोष्ठ में न्यायिक पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इसकी अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्णिया के सचिव सुनील कुमार ने की। बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रोजी कुमारी सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने न्यायालयों से अधिक से अधिक सुलहनीय प्रकृति के मामलों को चिह्नित करें, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उनका त्वरित निष्पादन कराया जा सके।
पक्षकारों को भेजे जाएंगे नोटिस
चिह्नित मामलों में संबंधित पक्षकारों और पीड़ितों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्री-लोक अदालत बैठक के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति के आधार पर मामलों का सरल और त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।
कई तरह के मामलों का होगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में स्थानीय आपराधिक मामले, प्री-बार्गेनिंग के मामले, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना दावा वाद और शमनीय ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का निपटारा किया जाएगा।
इसके अलावा श्रम विवाद, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामले, बिजली एवं पानी के बिल, तलाक को छोड़कर वैवाहिक विवाद, भू-अधिग्रहण, सेवा एवं पेंशन संबंधी मामले, उपभोक्ता मामले, राजस्व से जुड़े मामले और अन्य दीवानी वाद भी निपटाए जाएंगे।
ये न्यायिक पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर न्यायाधीश द्वितीय सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजय कुमार, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय रोमी कुमारी, अपर न्यायाधीश प्रथम सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम प्रमोद रंजन, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पल्लीवी और सदर मुंसिफ पूर्णिया राजू कुमार साह उपस्थित रहे।
इसके अलावा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पीयूष चावला, कमलेश कुमार, शिवांग श्रीवास्तव, मो. कामरान और पंकज कुमार तथा न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी सुफिया गुफराना नाज एवं आशीष देव भी बैठक में शामिल हुए।
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