होम›अपराध›ओडिशा के डेरजंग बांध में चौकीदार की हत्या में 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
अपराध

ओडिशा के डेरजंग बांध में चौकीदार की हत्या में 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

18 सितंबर 2021 को डेरजंग बांध के चौकीदार जगन्नाथ सेनापति को पुरानी रंजिश के चलते लाठी, तलवार और भुजली से मारकर हत्या कर दी गई। अनुगुल पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर सशक्त चार्जशीट तैयार की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी दस आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

26 सितंबर 2026 को 07:04 am बजे
ओडिशा के डेरजंग बांध में चौकीदार की हत्या में 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

सौजन्य से:- Jagran

ओडिशा में चौकीदार हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, सभी 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा

अनुगुल में चर्चित डेरजंग बांध के चौकीदार जगन्नाथ सेनापति हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता,अनुगुल। अनुगुल सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित डेरजंग बांध के चौकीदार की हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में संलिप्त सभी 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला लिया है।

क्या था पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 सितंबर 2021 की है। डेरजंग बांध पर बतौर चौकीदार काम करने वाले जगन उर्फ जगन्नाथ सेनापति की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। 18 सितंबर 2021 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपियों ने एक दावत की व्यवस्था पर चर्चा करने के बहाने मृतक को मोटरसाइकिल पर बैठाया और डेरजंग बांध के पूर्वी तटबंध रोड, रंतलाई गांव के पास ले गए।

हथियारों से लैस होकर किया गया था हमला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घात लगाए बैठे आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाठी, तलवार और भुजली जैसे घातक हथियारों से जगन्नाथ सेनापति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में जगन को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पुलिस की मुस्तैदी और जांच

घटना के बाद अनुगुल सदर थाने में मामला दर्ज (कांड संख्या: 568, दिनांक 19.09.2021) किया गया। इस सनसनीखेज मामले की जांच का जिम्मा अनुगुल सदर थाने के उप-निरीक्षक (एसआई) श्रीनिवास सेठी को सौंपा गया था। जांच अधिकारी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की।

अदालत का फैसला

मामले की लंबी सुनवाई और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद एडीजे कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अनुगुल पुलिस ने इस सफलता को न्याय, जवाबदेही और जन सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
देवघर में कुख्यात गैंगस्टर शिबू मिश्रा का अचानक दिल का दौरा, पुलिस को मिली राहत
अपराध

देवघर में कुख्यात गैंगस्टर शिबू मिश्रा का अचानक दिल का दौरा, पुलिस को मिली राहत

अमनुल्लाह के हस्तक्षेप से निजी विश्वविद्यालयों पर नए नियम
अपराध

अमनुल्लाह के हस्तक्षेप से निजी विश्वविद्यालयों पर नए नियम

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा: अदालतें नज़रअंदाज़ नहीं करेंगी छात्रों का शांति प्रदर्शनों का अधिकार
अपराध

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा: अदालतें नज़रअंदाज़ नहीं करेंगी छात्रों का शांति प्रदर्शनों का अधिकार

भारत के आपराधिक न्याय में द्वितीयक पीड़न: न्याय की राह में फिर‑से आघात
अपराध

भारत के आपराधिक न्याय में द्वितीयक पीड़न: न्याय की राह में फिर‑से आघात

खनन विधि विरोध पर अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड सरकार पर लगाया आरोप: बढ़ता अवैध कारोबार
अपराध

खनन विधि विरोध पर अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड सरकार पर लगाया आरोप: बढ़ता अवैध कारोबार

दंड राहत में पीड़ता की आवाज़ क्यों नहीं सुनाई देती?
अपराध

दंड राहत में पीड़ता की आवाज़ क्यों नहीं सुनाई देती?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: मैजिस्ट्रेट की बरी‑की‑रिपोर्ट के खिलाफ पीड़ता की अपील सत्र कोर्ट में ही दायर होनी चाहिए
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: मैजिस्ट्रेट की बरी‑की‑रिपोर्ट के खिलाफ पीड़ता की अपील सत्र कोर्ट में ही दायर होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग को रोकने का आदेश: प्रथम चरण में सीलिंग अनिवार्य
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग को रोकने का आदेश: प्रथम चरण में सीलिंग अनिवार्य

ताज़ा ख़बरें