ओडिशा के डेरजंग बांध में चौकीदार की हत्या में 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
18 सितंबर 2021 को डेरजंग बांध के चौकीदार जगन्नाथ सेनापति को पुरानी रंजिश के चलते लाठी, तलवार और भुजली से मारकर हत्या कर दी गई। अनुगुल पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर सशक्त चार्जशीट तैयार की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी दस आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

सौजन्य से:- Jagran
ओडिशा में चौकीदार हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, सभी 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा
अनुगुल में चर्चित डेरजंग बांध के चौकीदार जगन्नाथ सेनापति हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता,अनुगुल। अनुगुल सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चर्चित डेरजंग बांध के चौकीदार की हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में संलिप्त सभी 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला लिया है।
क्या था पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 सितंबर 2021 की है। डेरजंग बांध पर बतौर चौकीदार काम करने वाले जगन उर्फ जगन्नाथ सेनापति की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। 18 सितंबर 2021 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपियों ने एक दावत की व्यवस्था पर चर्चा करने के बहाने मृतक को मोटरसाइकिल पर बैठाया और डेरजंग बांध के पूर्वी तटबंध रोड, रंतलाई गांव के पास ले गए।
हथियारों से लैस होकर किया गया था हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घात लगाए बैठे आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाठी, तलवार और भुजली जैसे घातक हथियारों से जगन्नाथ सेनापति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में जगन को गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस की मुस्तैदी और जांच
घटना के बाद अनुगुल सदर थाने में मामला दर्ज (कांड संख्या: 568, दिनांक 19.09.2021) किया गया। इस सनसनीखेज मामले की जांच का जिम्मा अनुगुल सदर थाने के उप-निरीक्षक (एसआई) श्रीनिवास सेठी को सौंपा गया था। जांच अधिकारी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की।
अदालत का फैसला
मामले की लंबी सुनवाई और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद एडीजे कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अनुगुल पुलिस ने इस सफलता को न्याय, जवाबदेही और जन सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
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