ई-पेपर

मंगलवार, 15 सितंबर 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
मंगलवार, 15 सितंबर 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
कानून

यूजीसी ने उच्च शिक्षण में दिव्यांगजन अधिकार कानून के अनुपालन पर रिपोर्ट मांगी

Jagran के अनुसार · 24x7 NYAYA
यूजीसी ने उच्च शिक्षण में दिव्यांगजन अधिकार कानून के अनुपालन पर रिपोर्ट मांगी
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सामाजिक न्याय मंत्रालय ने दस वर्ष पूर्व प्रचलित दिव्यांगजन अधिकार (आरपीडब्लूडी) अधिनियम के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले और रोजगार में आरक्षण के पालन की जाँच शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक दाखिले, नौकरियों और दिव्यांग छात्रों के प्रतिशत का विस्तृत ब्यौरा देने के लिए निर्देशित किया है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि 5 % सीटें और 4 % पदों के आरक्षण के बावजूद कानून का वास्तविक अनुपालन कैसा है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव के पक्ष में निर्णय सुनाकर उन्हें कानूनी राहत प्रदान की। इस आदेश के तहत उनके संबंधित मुकदमों में आगे की कार्यवाही पर असर पड़ेगा।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

वकील

ए.पी. सिंह ने बृजभूषण शरण सिंह की रिहाई में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, सुप्रीम कोर्ट वकील ने इंटरव्यू में बयां किए रहस्य

यह लेख बताता है कि कैसे ए.पी. सिंह की मध्यस्थता से बृजभूषण शरण सिंह को जेल से मुक्त कराया गया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने एक साक्षात्कार में इस प्रक्रिया के कई पहलुओं को उजागर किया।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

कानून

केन्द्र ने यू.पी.आई. लेन‑देनों और रु‑पे डेबिट कार्ड पर ₹2,000 तक की कोई भी शुल्क वसूली पर रोक लगाई

वित्त मंत्रालय ने 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन के तहत बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडरों को निर्देश दिया है कि वे रु‑पे‑संचालित डेबिट कार्ड और ₹2,000 तक के यू.पी.आई. लेन‑देनों पर किसी भी प्रकार का शुल्क, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, न लगाएँ। यह प्रतिबंध भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों पर लागू होता है और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A के अंतर्गत जारी किया गया है।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7