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फैसले

मानसून के सामने भारत की सड़कें असफल क्यों हो रही हैं?

orfonline.org के अनुसार · 24x7 NYAYA
मानसून के सामने भारत की सड़कें असफल क्यों हो रही हैं?
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

भारत ने अपने सड़क नेटवर्क का महत्वपूर्ण विस्तार किया है, लेकिन कमजोर डिजाइन मानकों, खंडित शासन और रखरखाव की पुरानी कमी के कारण मानसून हर साल अनुमानित और घातक परिणाम देता है।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

अपराध

कटारिया का दावा: 2027 में संभल सीट पर भाजपा की जीत

कटारिया का दावा: 2027 में संभल सीट पर भाजपा की जीत

पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने 2027 के विधानसभा चुनाव में संभल सीट पर भाजपा की जीत का दावा किया है, साथ ही उन्होंने बूथ अध्यक्षों को पार्टी की ताकत बताया और विपक्ष पर हमला बोला

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

अपराध

सुप्रीम कोर्ट की जांच एजेंसियों को सलाह: सजा दिलाने पर ध्यान दें

सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों को जमानत के मामलों पर समय बर्बाद करने के बजाय सजा दिलाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। अदालत ने जमानत के मामलों में बढ़ोतरी और सजा दिलाने की दर में कमी पर चिंता जताई।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

मुकदमे

विधायक दंपति के वैवाहिक विवाद का एमपी/एमएलए अदालत में होना आवश्यक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एमपी/एमएलए अदालतें वैवाहिक विवाद को सुनाने से पहले इसकी आवश्यकता की समीक्षा करें। अदालत का यह आदेश विधायक दंपति पर लागू हो सकता है जो हाल ही में तलाक के लिए एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

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