बारह साल बाद भी इंसाफ नहीं, शहजाद मसीह और शमा बीबी की हत्या के आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने माफा दिया

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने शहजाद मसीह और शमा बीबी की हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। यह घटना 2014 की थी जब मसीह और बीबी को इस्लामाबाद के पास एक ईंट भट्ठे में फेंक दिया गया था, जहां उन्हें जलाकर मार दिया गया था।
कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

