डिगिटल युग में न्याय: पारुल विश्वविद्यालय का लॉ कॉन्क्लेव 2026 तकनीकी परिवर्तन के माध्यम से न्याय प्रणाली पर चर्चा करता है

पारुल विश्वविद्यालय का लॉ कॉन्क्लेव 2026 डिजिटल युग में न्यायिक प्रणाली के भविष्य पर चर्चा करने के लिए न्यायपालिका के सदस्यों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों को एक साथ लाता है।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

