डीएमके ने करूर भगदड़ मामले में पक्षकार बनने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट पर जोर दिया

डीएमके ने करूर भगदड़ मामले में अपने अनुपस्थिति को दूर करने और घटना में शामिल लोगों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर दिया है। यह मामला 27 सितंबर, 2025 को तमिलनाडु में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान भड़की घटना से जुड़ा है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी और 142 लोग घायल हुए थे। डीएमके का दावा है कि कई आरोपित वर्तमान में तमिलनाडु मंत्रिपरिषद में हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करने से बचने के लिए बयान किए जा रहे हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

