बेंगलुरु के अदालत ने आरएसएस पर सांप्रदायिक टिप्पणियों के आरोप में प्रियंक खरगे और हारिस नलपाड को दिलाई है अदालत की चुनौती

अदालत ने तेजस ए की शिकायत के आधार पर एक आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रियंक खरगे और मोहम्मद हारिस नलपाड को 21 जुलाई को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया गया है। अदालत ने दूसरे आरोपी दिनेश गुंडू राव के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी है।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

