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ओबीसी क्रीमी लेयर पर एक सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, सेवा आवंटन प्रक्रिया पर गहराया सस्पेंस - supreme court to hear the matter regarding the obc creamy layer on september 1

ओबीसी क्रीमी लेयर पर एक सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, सेवा आवंटन प्रक्रिया पर गहराया सस्पेंस सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, इस मामले में 11 मार्च को फैसला सुनाने वाली जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आर महादेवन की वि…

26 अगस्त 2026 को 10:24 pm बजे
ओबीसी क्रीमी लेयर पर एक सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, सेवा आवंटन प्रक्रिया पर गहराया सस्पेंस - supreme court to hear the matter regarding the obc creamy layer on september 1

सौजन्य से:- Jagran

ओबीसी क्रीमी लेयर पर एक सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, सेवा आवंटन प्रक्रिया पर गहराया सस्पेंस

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, इस मामले में 11 मार्च को फैसला सुनाने वाली जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आर महादेवन की विशेष पीठ केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए एक सितंबर को दोपहर 3.30 बजे बैठेगी।

HighLights

- सिविल सेवा परीक्षा, 2025 के उम्मीदवारों पर क्रीमी लेयर मानदंड लागू होने का मामला

- शीर्ष अदालत के फैसले पर केंद्र सरकार ने किया है स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ एक सितंबर को केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें सिविल सेवा परीक्षा, 2025 के अभ्यर्थियों के लिए ओबीसी क्रीमी लेयर से जुड़े मानदंड पर उसके फैसले को लागू करने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, इस मामले में 11 मार्च को फैसला सुनाने वाली जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आर महादेवन की विशेष पीठ केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए एक सितंबर को दोपहर 3.30 बजे बैठेगी।

मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्र की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करने पर सहमति जताई थी।

केंद्र की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने पहले ही निपटाए जा चुके एक मामले में कुछ जरूरी निर्देश देने के अनुरोध के साथ आवेदन दाखिल किया है।

डीओपीटी ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा, 2025 के लिए अनुशंसित 958 उम्मीदवारों को सेवा आवंटन की प्रक्रिया को ओबीसी क्रीमी लेयर निर्धारित करने के उस आधार पर आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाए, जो 11 मार्च के फैसले से पहले लागू था। डीओपीटी की याचिका सुप्रीम कोर्ट के 'भारत संघ बनाम रोहित नाथन' मामले में दिए गए फैसले से जुड़ी है।

सुप्रीम कोर्ट का यह था फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को निर्णय दिया था कि 14 अक्टूबर, 2004 का स्पष्टीकरण पत्र, ओबीसी क्रीमी लेयर की पहचान से संबंधित आठ सितंबर, 1993 के कार्यालय ज्ञापन का स्थान नहीं ले सकता। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) या निजी क्षेत्र में कार्यरत माता-पिता के वेतन या आय को अकेले क्रीमी लेयर से बाहर रखने का निर्णायक आधार नहीं माना जा सकता। माता-पिता के पद की स्थिति और श्रेणी के साथ-साथ निर्धारित आय एवं संपत्ति संबंधी मानदंडों को 1993 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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