उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को सही ठहराया
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के 2027 के जाति-आधारित जनगणना निर्णय को मान्य कर दिया। यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार के पक्ष में आया। इस निर्णय से देश की जनसंख्या नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

सौजन्य से:- Google News - Supreme Court (EN)
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के 2027 के जाति-आधारित जनगणना निर्णय के खिलाफ चुनौती को खारिज कर दिया है। Google News के अनुसार, यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे से संबंधित है, जिसमें केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए जाति-आधारित डेटा इकट्ठा करने का निर्णय लिया था।
यह मामला उच्चतम न्यायालय में पहुंचा था, जहां अदालत ने केंद्र सरकार के निर्णय को खारिज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। सूत्र: Google News - Supreme Court (EN)। यह निर्णय जाति-आधारित जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार के पक्ष में आया है, और इसका देश की जनसंख्या नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
ताज़ा ख़बरें
- महिलाओं के आत्मरक्षा अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट की राय
- सुरक्षा के लिए हथियार रखने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के 12 अपर जजों को स्थायी पद पर रखने की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट के 13 सवालों पर FSSAI ने 43 पृष्ठों का विस्तृत हलफ़नामा पेश किया
- FSSAI ने 13 प्रश्नों के उत्तर में पेश किया 43‑पृष्ठीय हलफनामाः लाल चेतावनी लेबल का ढांचा और समय‑सीमा
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को दिया कड़ाकेदार चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी सामग्री हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय टाला
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी: शिक्षा से अधिक मुनाफे पर न ध्यान दें

