सुप्रीम कोर्ट की GST गिरफ्तारी पर सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने GST अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया है

सुप्रीम कोर्ट ने GST मामलों में गिरफ्तारी की शक्ति को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि GST अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया मनमाने ढंग से नहीं अपनाई जा सकती। गिरफ्तारी से पहले Section 69, CGST Act के तहत जारी किया गया arrest authorisation order संबंधित व्यक्ति को communicate करना होगा।
सूत्र: न्याया 24/7 के अनुसार, यह मामला Future Group के non-executive director Sunil Biyani से जुड़ा था। Bombay High Court ने उन्हें GST जांच के मामले में एक सप्ताह की arrest protection दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने High Court के इस आदेश को उचित नहीं माना, लेकिन इसी दौरान GST गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट की।
आगे क्या होगा
इस फैसले का सीधा संदेश यह है कि GST जांच और GST गिरफ्तारी दो अलग चीजें हैं। केवल जांच चल रही है या किसी व्यक्ति पर गंभीर आर्थिक अपराध का आरोप है, इसका मतलब यह नहीं कि गिरफ्तारी स्वतः हो जाएगी। पहले कानून में निर्धारित शर्तों और safeguards का पालन जरूरी है। हाल के न्यायिक फैसलों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि GST के तहत arrest केवल गंभीर आरोप के आधार पर routine तरीके से नहीं की जानी चाहिए।
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